सिंहवाड़ा के विकास पुरुष को अब सम्मान दिलाने की मांग तेज हो गई है!
बिहार के प्रथम जननायक और स्वतंत्रता सेनानी रहे स्व. सूर्यनंदन ठाकुर की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू हुआ है।
1937 में बिहार विधानसभा के सदस्य रहे सूर्यनंदन ठाकुर ने सिंहवाड़ा के विकास की नींव रखी थी।
लोगों की मांग – प्रखंड सभागार का नाम उनके नाम पर हो, सरकारी अस्पताल में उनकी प्रतिमा लगे और अतरवेल-जाले मार्ग का नाम जननायक सूर्यनंदन ठाकुर पथ रखा जाए।
सिंहवाड़ा / दरभंगा: बिहार के प्रथम जननायक, स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व विधायक स्व. सूर्यनंदन ठाकुर की स्मृति को चिरस्थायी सम्मान दिलाने की मांग ने अब जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। सिंहवाड़ा की धरती के इस सपूत को सार्वजनिक सम्मान दिलाने के लिए नागरिकों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान (Online Petition) शुरू किया है।
अभियान से जुड़े शोधकर्ता एवं लेखक पवन ठाकुर ‘बमबम’ ने बताया कि सूर्यनंदन ठाकुर ने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ सिंहवाड़ा क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव रखी थी। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार वे वर्ष 1937 में बिहार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे और विधानसभा में किसानों, ग्रामीण विकास, बाढ़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं, कुटीर उद्योग और मैथिली भाषा जैसे जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिंहवाड़ा प्रखंड, अतरवेल-जाले मार्ग, स्वास्थ्य सुविधाओं और खादी ग्रामोद्योग के विकास में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है, लेकिन दुख की बात है कि उनके नाम पर क्षेत्र में कोई प्रमुख सार्वजनिक संस्थान या स्मारक नहीं है।
सांसद और विधायक से तीन प्रमुख मांगें
ऑनलाइन याचिका के माध्यम से जनप्रतिनिधियों से ये मांगें की गई हैं –
1. सिंहवाड़ा प्रखंड मुख्यालय के निर्माणाधीन भवन के सभागार का नाम “जननायक सूर्यनंदन ठाकुर सभागार” रखा जाए।
2. सिंहवाड़ा के सरकारी अस्पताल अथवा उसके किसी प्रमुख भवन / विंग का नाम उनके नाम पर रखा जाए और अस्पताल या खादी भंडार परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए।
3. वर्तमान अतरवेल-जाले मार्ग का नाम बदलकर “जननायक सूर्यनंदन ठाकुर पथ” घोषित किया जाए।
पवन ठाकुर ‘बमबम’ ने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष के सम्मान का नहीं, बल्कि सिंहवाड़ा की ऐतिहासिक विरासत और एक महान स्वतंत्रता सेनानी के प्रति समाज की सामूहिक कृतज्ञता का प्रतीक है। महापुरुषों के नाम पर संस्थानों का नामकरण नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने की अपील की है।
ये सिर्फ एक मांग नहीं, सिंहवाड़ा की विरासत को सम्मान देने की लड़ाई है।
_1. प्रखंड सभागार का नाम जननायक के नाम पर_
_2. अस्पताल में आदमकद प्रतिमा_
_3. अतरवेल-जाले मार्ग बने सूर्यनंदन ठाकुर पथ_

