सोचिए… आपके घर के बाहर अचानक कुछ लोग CBI की गाड़ी, CBI का लोगो और फर्जी ID कार्ड लेकर पहुंच जाएं और कहें—“रेड होने वाली है!”
लेकिन अगर वो CBI अधिकारी नहीं, बल्कि ठगों का एक गैंग हो तो?
दिल्ली में कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी CBI अधिकारी बनकर रेड करने और लोगों से पैसे या कीमती सामान ऐंठने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक पूर्व बैंक कर्मचारी, एक पूर्व बार और रेस्टोरेंट सिंगर और एक महिला भी शामिल है, जो पहले होटल चलाती थी। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग दिल्ली और मुंबई में ऐसी वारदातों को अंजाम दे सकता है।
मामला सामने तब आया जब दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक कारोबारी के घर 8 से 10 लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर पहुंचे।
इन लोगों के कपड़ों पर कथित तौर पर CBI का लोगो था और उन्होंने पहचान-पत्र भी दिखाए। उनका दावा था कि वे घर पर रेड करने आए हैं।
लेकिन कारोबारी की पत्नी को उन पर शक हो गया।
उन्होंने घर का गेट खोलने से इनकार कर दिया और उनसे रेड से जुड़े दस्तावेज और अधिकार-पत्र दिखाने को कहा।
गैंग के लोग करीब डेढ़ घंटे तक गेट खुलवाने की कोशिश करते रहे, लेकिन परिवार ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया। पड़ोसियों ने भी सवाल किए। आखिरकार संदिग्ध लोग वहां से चले गए। इस पूरी घटना के CCTV फुटेज को जांच में शामिल किया गया।
इसके बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ी और अब इस मामले में सात गिरफ्तारियां हुई हैं।
जांच के दौरान पुलिस को आठ मोबाइल फोन, CBI मोनोग्राम वाले कपड़े और फर्जी सरकारी पहचान-पत्रों की तस्वीरें और वीडियो मिले हैं।
इतना ही नहीं, पुलिस के मुताबिक आरोपियों के फोन में ऐसे वीडियो भी मिले जिनमें लोग कथित तौर पर CBI, ED और दूसरे सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करके अलग-अलग जगहों पर रेड करते दिखाई दे रहे हैं।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह गैंग इसी तरह की और भी वारदातों में शामिल रहा है।
पुलिस को यह भी शक है कि गैंग का मकसद सिर्फ लोगों को डराना नहीं, बल्कि फर्जी रेड के नाम पर पैसे और कीमती सामान हासिल करना था।
इस पूरे मामले की तुलना फिल्म ‘Special 26’ से की जा रही है, क्योंकि उस फिल्म में भी एक गैंग CBI अधिकारी बनकर फर्जी रेड करता है।
लेकिन असली जिंदगी में यह कोई फिल्मी कहानी नहीं है।
इस मामले की सबसे बड़ी सीख यही है अगर कोई खुद को CBI, ED या किसी दूसरी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर आपके घर पहुंचे, तो सिर्फ यूनिफॉर्म या ID देखकर भरोसा न करें। उनकी पहचान और कानूनी दस्तावेजों की आधिकारिक तरीके से पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
क्योंकि आज के दौर में नकली ID बनाना आसान हो सकता है… लेकिन किसी की पहचान पर आंख बंद करके भरोसा करना भारी पड़ सकता है।

