सफाई व्यवस्था को सामान्य करने के लिए नगर निगम के प्रयास जारी- सलोनी शर्मा, जिला नगर आयुक्त।
कचरा पृथक्करण को प्रभावी बनाने के लिए पायलट आधार पर प्रत्येक वार्ड में 100 से 500 हाउसहोल्ड में चार प्रकार के कूड़ेदान किए जाएंगे निर्धारित, अधिकारियों को रूपरेखा तैयार करने के निर्देश।

करनाल 21 अगस्त, जिला नगर आयुक्त सलोनी शर्मा ने नगर निगम के सफाई अधिकारियों एवं नगर पालिका सचिवों के साथ शहर की सफाई व्यवस्था एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कचरा एकत्रीकरण का कार्य कर रही सुगम स्वच्छता एजेंसी के प्रतिनिधियों को भी सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
चार प्रकार से कचरा पृथक्करण को मिलेगा बढ़ावा।

उन्होंने गत बैठक में कचरा पृथक्करण को लेकर निर्धारित किए गए लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। नगर निगम एवं नगर पालिका अधिकारियों ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिला नगरायुक्त ने निर्देश दिए कि आई.ई.सी. गतिविधियों को ओर तेज किया जाए तथा चरणबद्ध तरीके से सभी वार्डों में गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग करवाने के साथ-साथ चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण के बारे में नागरिकों को जागरूक किया जाए।
पायलट आधार पर 100 से 500 हाऊस होल्ड में करवाएं कचरा पृथक्करण।
उन्होंने निर्देश दिए कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में 100 से 500 हाउसहोल्ड को शामिल करते हुए चार अलग-अलग रंगों के कूड़ेदान—हरा, नीला, पीला और काला—के संबंध में नागरिकों को जानकारी दी जाए। प्रत्येक कूड़ेदान में किस प्रकार का कचरा डाला जाना है, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करवाई जाए और नागरिकों को संबंधित कचरा निर्धारित कूड़ेदान में ही डालने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि चारों श्रेणियों के कचरे के अलग-अलग संग्रहण के लिए टिप्पर वाहनों पर उचित मार्किंग की जाए, ताकि कचरा मिश्रित न हो और उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सोमवार तक इस संबंध में पूरी योजना एवं विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नगर पालिकाओं को भी इसी तर्ज पर 200 से 300 हाउसहोल्ड को पायलट आधार पर शामिल करते हुए कचरा पृथक्करण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम- 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश।
जिला नगरायुक्त ने नगर निगम एवं नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम- 2026 को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि नियमों के प्रावधानों की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता गतिविधियों को बढ़ाया जाए और घर-घर कचरा पृथक्करण की व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
वार्ड कमेटियों की बैठकें निर्धारित कैलेंडर के अनुसार करवाएं।
उन्होंने वार्ड कमेटियों की बैठकों को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वार्ड कमेटियों की बैठकें निर्धारित कैलेंडर के अनुसार ही आयोजित की जाएं। इन बैठकों में आपसी समन्वय, संवाद तथा प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्य, सफाई एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विषयों का प्रभावी समाधान किया जा सके।
बल्क वेस्ट जेनरेटर्स का जल्द करवाएं पंजीकरण।
बैठक में बल्क वेस्ट जेनरेटर्स के पंजीकरण की भी समीक्षा की गई। जिला नगरायुक्त ने निर्देश दिए कि होटल, रेस्टोरेंट, संस्थानों एवं अन्य बल्क वेस्ट जेनरेटर्स का जल्द से जल्द पंजीकरण करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जो संस्थान अभी तक पंजीकृत नहीं हुए हैं, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किया जाए तथा नियमों की पालना सुनिश्चित करवाई जाए।
निर्माण एवं विध्वंस कचरे के लिए चिन्हित भूमि की करें चारदीवारी।
निर्माण एवं विध्वंस कचरे (सीएंडडी वेस्ट) के एकत्रीकरण को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। जिला नगरायुक्त ने नगर पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि सी. एंड डी. वेस्ट के लिए चिन्हित भूमि की चारदीवारी करवाने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। इसके लिए आवश्यक टेंडर भी जल्द लगाया जाए, ताकि निर्माण एवं विध्वंस कचरे का उचित संग्रहण एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
विकास कार्यों की नियमित निगरानी करें अधिकारी।
उन्होंने नगर पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि निकायों में चल रहे विकास कार्यों एवं अन्य कार्यों की नियमित रूप से निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट समय पर भेजी जाए। उन्होंने अधिकारियों को अवगत करवाया कि जल्द ही विभिन्न निकायों का दौरा कर विकास कार्यों एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा।
बेसहारा गौवंश पकडऩे के अभियान में तेजी लाने के निर्देश।
बैठक में बेसहारा पशुओं को पकडऩे के अभियान की भी समीक्षा की गई। जिला नगरायुक्त ने अधिकारियों को अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वच्छता अधिकारी ने बताया कि पिछले एक माह के दौरान करीब 277 बेसहारा गौवंश को पकडक़र गौशालाओं में पहुंचाया गया है।
कुत्तों की नसबंदी कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश।
उन्होंने शहर में कुत्तों की नसबंदी के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुत्तों की नसबंदी का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। स्वच्छता अधिकारी ने बताया कि निगम क्षेत्र में अब तक करीब 9,883 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
बैठक में अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी श्रुति मिश्रा, कार्यकारी अभियंता (स्वच्छता) प्रियंका सैनी, स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढ़ी, नगर पालिका सचिव, सफाई शाखा तथा सुगम स्वच्छता एजेंसी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

