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अखिल भारतीय महापौर परिषद की 118वीं बैठक में महापौर ने साझा किए नगरीय विकास के अनुभव

शहरी विकास को नई दिशा देने में महापौरों की भूमिका अहम : रेणु बाला गुप्ता

अखिल भारतीय महापौर परिषद की 118वीं बैठक में महापौर ने साझा किए नगरीय विकास के अनुभव

जनहित, नगर निकायों के सशक्तीकरण और प्रभावी शहरी प्रशासन पर हुआ सार्थक मंथन

करनाल। अखिल भारतीय महापौर परिषद की 118वीं बैठक में करनाल की महापौर एवं अखिल भारतीय महापौर परिषद की अध्यक्ष रेणु बाला गुप्ता ने सक्रिय सहभागिता की। उन्होंने और देशभर से आए महापौरों ने नगरीय विकास, जनसुविधाओं और नगर निकायों को अधिक सशक्त बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
सोमवार को चंडीगढ़ के होटल माउंट व्यू में आयोजित बैठक के प्रथम उद्घाटन सत्र में विभिन्न शहरों के विकास अनुभवों और बेहतर नगरीय प्रशासन को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।


महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि देश के शहरों का विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक, स्वच्छ, सुरक्षित और जन-केंद्रित शहरी व्यवस्था विकसित करना समय की आवश्यकता है। नगर निकाय सीधे तौर पर आमजन से जुड़े होते हैं, इसलिए उन्हें पर्याप्त संसाधन, अधिकार और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न नगर निकायों के सफल प्रयोगों और अनुभवों को साझा करके दूसरे शहर भी उनका लाभ उठा सकते हैं। ऐसे राष्ट्रीय मंचों के माध्यम से शहरी प्रशासन में सकारात्मक बदलाव और बेहतर कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलता है।
बैठक के मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब सिंह कटारिया ने उद्घाटन सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि देश के शहरों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप नगरीय निकायों को नई सोच और प्रभावी कार्यप्रणाली के साथ आगे बढ़ना होगा। स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशासन ही नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने का आधार है।
राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने कहा कि नगर निकायों को मजबूत किए बिना शहरों के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने महापौरों के अनुभवों और सुझावों को शहरी विकास की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।


अखिल भारतीय महापौर परिषद के महासचिव आशुतोष वार्ष्णेय ने परिषद के माध्यम से देशभर के नगर निकायों के बीच बेहतर समन्वय और अनुभवों के आदान-प्रदान को आवश्यक बताया। वहीं अभिनेत्री एवं पूर्व सांसद किरण खेर ने भी शहरों के विकास में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी, एआईसीएम के सचिव मनोज गुप्ता सहित देशभर से आए महापौर एवं अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

अनुभवों का आदान-प्रदान जरूरी
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि अखिल भारतीय महापौर परिषद की बैठक देश के विभिन्न नगर निकायों को एक साझा मंच प्रदान करती है, जहां स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और जनहित की योजनाओं पर खुलकर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अनुभवों का यह आदान-प्रदान नगर निकायों को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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