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उत्तर भारत में बारिश से बढ़ी परेशानी, उत्तराखंड में टूटा पुल और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बरकरार

डेस्क: देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) सक्रिय रहने के कारण बारिश का दौर लगातार जारी है। उत्तर भारत (North India) के मैदानी क्षेत्रों से लेकर पश्चिमी हिमालय (Western Himalayas) तक कई जगहों पर मूसलाधार बारिश (Heavy Rainfall) ने जनजीवन प्रभावित (Affected Public Life) किया है। जम्मू-कश्मीर (Jammu And Kashmir), हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग (Weather Department) के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना है।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बुधवार को कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में भारी बारिश के बीच बादल फटने की घटना सामने आई। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं भी हुईं, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। हिमाचल प्रदेश में कालका-शिमला रेलखंड पर मलबा गिरने से रेल परिचालन पर असर पड़ा।
उत्तराखंड में भी बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। पिथौरागढ़ जिले में धारचूला-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ के पास पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण वैली ब्रिज टूट गया। करीब 70 मीटर लंबे इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से दारमा, व्यास और चौंदास घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के कई गांवों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तराखंड में 20 से 25 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 20 और 21 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश में भी बारिश को लेकर अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 से 22 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में भी मानसून सक्रिय रहने के कारण बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का असर बना रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 अगस्त तक बारिश की संभावना है और कुछ दिनों में भारी वर्षा हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 से 25 अगस्त तक बारिश का अनुमान है, जबकि 20 से 22 अगस्त के दौरान कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत में बिहार और ओडिशा के लिए भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। बिहार में 21 से 23 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है, जबकि ओडिशा में 21 से 25 अगस्त तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। पहले से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बारिश से मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी 20 से 22 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं कोंकण और गोवा में 20 से 25 अगस्त तक बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में भी इसी अवधि के दौरान भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने बारिश के साथ तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए यात्रा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है। अगले तीन से चार दिन उत्तर-पश्चिम भारत के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

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