अंतरराष्ट्रीय

भारत से मिली हार पचा नहीं पा रहा पाकिस्तान, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की डॉक्यू सीरीज से तिलमिलाया

डेस्क: डिस्कवरी की डॉक्यू सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत की सैन्य क्षमता के बेहतरीन प्रदर्शन को देख पाकिस्तान की सेना को मिर्ची लग गई है। पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर से असलियत को नकारते हुए फर्जी दावे किए हैं। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने ऑपरेशन सिंदूर की सैन्य सफलता के कमतर होने का फर्जी दावा दोहराया।

यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब डॉक्यू सीरीज में भारत के वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं ने ऑपरेशन और उसके उद्देश्यों को लेकर विस्तार से बात की है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। चार दिन तक चला सैन्य टकराव 10 मई को दोनों देशों के बीच बनी सहमति के बाद थम गया था।
भारत की सैन्य क्षमता के उम्दा प्रदर्शन को ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन से पाकिस्तान नकारता रहा है। आईएसपीआर ने एक बार फिर इस ‘कड़वी सच्चाई’ को स्वीकार करने से बचने की कोशिश की है। पाकिस्तानी सेना ने फर्जी दावा करते हुए कहा कि भारत ने इतिहास को अपने मुताबिक पेश करने का रास्ता चुना है।

पाकिस्तानी सेना ने डॉक्यू सीरीज में ऑपरेशन सिंदूर को ‘100 प्रतिशत सफल’ बताए जाने के दावे को फर्जी चुनौती देने की कोशिश की। ISPR ने एक बार फिर अपना फर्जी दावा दोहराते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारत के आठ सैन्य विमानों को मार गिराया था। पाकिस्तान ने ये भी दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी ठिकानों के साथ पाकिस्तानी नागरिकों को भी निशाना बनाया गया था। हालांकि, सच्चाई यह है कि भारतीय सेना ने केवल आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था।

पाकिस्तान ने खुद ही माना था कि दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMOs) के बीच बातचीत और सैन्य कार्रवाई रोकने पर बनी सहमति के बाद संघर्ष समाप्त हुआ। पाकिस्तान ने कहा था कि उसके सैन्य अधिकारी ने संघर्ष को खत्म करने के लिए भारतीय सैन्य संचालन महानिदेशक से बात की थी। पाकिस्तान ने संघर्ष विराम में अमेरिका की भूमिका का भी दावा किया। हालांकि, भारत ऐसे किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज करता रहा है।
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन उसकी सेना देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। ISPR ने गीदड़भभकी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

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