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गढ़चिरौली के हॉस्टल में जहरीले सांप का आतंक, जमीन पर सो रहीं थीं छात्राएं; 3 की मौत, 3 का इलाज जारी

डेस्क: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले (Gadchiroli district) में एक आदिवासी आवासीय स्कूल के हॉस्टल में जहरीले सांप (Venomous snakes) के काटने से तीन नाबालिग छात्राओं की मौत हो गई। घटना में तीन अन्य छात्राएं भी सांप (Snake) के डसने से प्रभावित हुई हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रशासन के एक अधिकारी के मुताबिक, घटना रविवार देर रात करीब आधी रात के आसपास धनोरा तालुका मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर जप्तलाई गांव में स्थित सहायता प्राप्त आदिवासी आवासीय स्कूल के हॉस्टल में हुई।

फर्श पर सो रही थीं बच्चियां, तभी सांप ने डसा
बताया गया है कि हॉस्टल में नाबालिग छात्राएं जमीन पर सो रही थीं। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के काटने से 8, 12 और 14 वर्ष की तीन छात्राओं की मौत हो गई।
वहीं 11 से 14 वर्ष की तीन अन्य छात्राओं को भी सांप ने काटा है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
तुरंत दिया गया एंटी-वेनम
घटना के बाद प्रभावित छात्राओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल एंटी-वेनम दवा दी और मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जिला कलेक्टर अविष्यंत पांडा ने जिला सर्जन को निर्देश दिए हैं कि छात्राओं के इलाज में किसी तरह की कमी न रहे। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से उन्हें जरूरत के मुताबिक विशेष देखभाल उपलब्ध कराने को भी कहा है।
हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की होगी जांच
हादसे के बाद प्रशासन ने स्कूल और हॉस्टल की व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी है। जिला प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि छात्राओं के रहने की जगह पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
कलेक्टर ने कहा कि जांच में यह भी देखा जाएगा कि स्कूल प्रबंधन ने हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी नियमों और सावधानियों का पालन किया था या नहीं। घटना की परिस्थितियों और संभावित लापरवाही के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।
प्रशासन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

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