डेस्क: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर एक बार फिर निशाना साधा है। एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा है कि 20 जुलाई को देश की राजधानी में छात्रों (Students) पर लाठियां चलीं। पैलेट गन चली, लेकिन आपने एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने लिखा कि ‘अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा’- कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की जमीन बेची, मां-बाप का कर्ज और फिर भी हाथ में कुछ नहीं। राहुल गांधी ने लिखा कि यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया। तेरह दिन हो गए – गृह मंत्री अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मोदी जी माफी मांगने की जगह क्षमा बां रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने एक्स पर अपनी पोस्ट में केंद्रीय गृहमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, ‘अमित शाह जी, यह मत समझिए कि हम जवाबदेही मांगना बंद कर देंगे। राजधानी की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां और पैलेट चले – और आपने एक शब्द नहीं कहा। आज नहीं तो कल, इस जुर्म का जवाब आपको देना ही पड़ेगा। छात्र देश की रोशनी हैं, और मैं उनकी पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूं।
“अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा” – कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की ज़मीन बेची, माँ-बाप का कर्ज़ और फिर भी हाथ में कुछ नहीं। यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया।
इस दौरान राहुल गांधी ने लाखों की संख्या में जुटे छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहाकि युवाओं को सोशल मीडिया का नशा धराया जा रहा है। आपका डाटा आपसे लेकर, जियो, अडाणी, फेसबुक और गूगल आदि को दिया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहाकि आपसे कहा जा रहा है कि रील देखिए। वॉट्सऐप पर मैसेज भेजिए। इंस्टाग्राम पर कॉन्टेंट क्रिएट कीजिए। यह 21वीं सदी का नशा है। इसके बाद आपसे, ब्लिंकिट, उबर में काम करने या फिर मजदूरी करने के लिए कहा जा रहा है। राहुल गांधी ने कहाकि आप इस नशे की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन आपको नौकरी नहीं मिल रही है। उन्होंने कहाकि इस देश में 40 करोड़ युवा हैं जो इस देश की असली ताकत हैं।
सदन में बयान देने नहीं आए शाह
प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता पर शाह के दोनों सदनों में बयान देने की विपक्ष की मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। अधिकांश विधायी कामकाज हंगामे के बीच ही हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर संसद में बयान नहीं देने पर पिछले सप्ताह शाह की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि सभापति सीपी राधाकृष्णन द्वारा गृह मंत्री से सदन में बयान देने के लिए कहे जाने के बावजूद शाह राज्यसभा में नहीं आए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा मंत्री सदन में आकर उनके सवालों का जवाब देगा।

