डेस्क: हरियाणा के सभी स्कूलों में पहली कक्षा से पंजाबी विषय पढ़ाने की मांग को लेकर एडवोकेट गुरमीत सिंह खालसा और उनके साथियों, कालांवाली बार एसोसिएशन के वकीलों द्वारा हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र एस.डी.एम. मोहित शर्मा को सौंपा गया।
मांग पत्र में कहा गया कि हरियाणा राज्य में बड़ी संख्या में पंजाबी भाषा बोलने और समझने वाले नागरिक रहते हैं। हरियाणा सरकार द्वारा पंजाबी भाषा को दूसरी भाषा का दर्जा दिया गया है, इसलिए शिक्षा प्रणाली में भी पंजाबी को उचित स्थान मिलना बहुत जरूरी है।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए एडवोकेट गुरमीत सिंह खालसा ने कहा कि पंजाबी हमारी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर बच्चे को अपनी मातृभाषा पढ़ने और सीखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा को स्कूली शिक्षा में पहली कक्षा से ही शामिल करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पहली कक्षा से पंजाबी विषय पढ़ाने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही पंजाबी पढ़ाने के लिए आवश्यक शिक्षकों की भर्ती और नियुक्ति सुनिश्चित की जाए तथा पंजाबी की पाठ्य-पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सामग्री समय पर उपलब्ध करवाई जाए।
मांग पत्र में यह भी मांग की गई कि शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि पंजाबी भाषा की पढ़ाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री से अपील की कि इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रदेश के स्कूलों में पहली कक्षा से पंजाबी पढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि बच्चे अपनी मातृभाषा और विरासत से जुड़े रह सकें।
इस अवसर पर मास्टर सुरिंदर पाल सिंह, प्रधान गुरु काशी साहित्य अकादमी, एडवोकेट निशान सिंह गिल, एडवोकेट लखजिंदर सिंह, एडवोकेट सतविंदर सिंह सरां, एडवोकेट गुरपाल सिंह सरां, एडवोकेट प्रगट सिंह, एडवोकेट गुरदीप सिंह, एडवोकेट गुरविंदर सिंह, एडवोकेट बलविंदर सिंह और गुरशरण सिंह आदि मौजूद थे।


