डेस्क : फतेहपुर बिल्लोच में मेडिकल स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एसएनसीबी) की फरीदाबाद टीम ने छापेमारी कर एक युवक को गिरफ्तार किया।
टीम को आरोपी के मकान और सामने बने गोदाम की तलाशी में 15 हजार से अधिक प्रतिबंधित गोलियां और कैप्सूल, सैकड़ों इंजेक्शन मिले हैं। पुलिस के अनुसार बरामद नशीली दवाओं में प्रतिबंधित साल्ट की कुल मात्रा करीब 899.170 ग्राम है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं मिलने से गांव में नशीली दवाओं के कारोबार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने आरोपी की पहचान फतेहपुर बिल्लोच निवासी प्रवीण कुमार के रूप में की है। उसके खिलाफ थाना सदर बल्लभगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएनसीबी की कार्रवाई
एसएनसीबी के एसआई जसबीर सिंह अपनी टीम के साथ फतेहपुर बिल्लोच ऑटो स्टैंड पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि प्रवीन कुमार घर और मेडिकल स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाएं बेचता है। सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई। इसके बाद यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर संग्राम सिंह और डीसीओ प्रवीन राठी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई । पुलिस टीम आरोपी के मकान तक पहुंची तो प्रवीन कुमार घर से बाहर आया। तलाशी से पहले पुलिस ने स्वतंत्र गवाह को भी साथ लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके घर के सामने स्थित मेडिकल स्टोर उसका नहीं है, बल्कि उसने इसे गांव जवा निवासी युधवीर को किराये पर दे रखा है। पुलिस ने इसके बाद उसके मकान और सामने बने गोदाम की तलाशी ली। तलाशी के दौरान मकान के एक कमरे में रैक से प्रतिबंधित 15,225 गोलियां बरामद हुईं। इनका वजन करीब 43.296 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा 125 गोलियां और अलग-अलग ब्रांड के 109 कैप्सूल बरामद हुए। मकान से प्रतिबंधित इंजेक्शन भी मिले हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी के सामने गली में बने गोदाम को खंगाला तो वहां रखी एक गत्ते की पेटी से गोलियों से भरी 10 पेटियां बरामद हुईं। इनका कुल वजन करीब 1.056 किलोग्राम था। गोदाम से प्रतिबंधित 300 इंजेक्शन और 50 अन्य इंजेक्शन भी मिले।
बिल मांगा तो नहीं दे सका जवाब
पुलिस के अनुसार बरामद दवाओं के संबंध में आरोपी से बिल और लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पुलिस ने सभी नशीली दवाओं को एक पेटी में रखकर सील कर दिया और कब्जे में ले लिया। बरामदगी की पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
आपूर्ति की कड़ी खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस की जांच अब केवल आरोपी तक सीमित नहीं है। इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं की बरामदगी के बाद इनके स्रोत और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटाई जा रही है। दवाओं के बिल नहीं मिलने से पुलिस को संदेह है कि इनकी खरीद-फरोख्त में नियमों का उल्लंघन किया गया हो सकता है। मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

