डेस्क : क्या आपने कभी सोचा है कि कोई ऐसी मशीन भी हो सकती है जो हवा में मौजूद नमी से पानी निकाल सकती है! नहीं न लेकिन, इस अनोखी खोज को एक 13 साल के बच्चे ने सच कर दिखाया है।
बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण आज पूरी दुनिया पानी की कमी से जूझ रही है. इसका सबसे बुरा असर हमारे किसानों पर पड़ रहा है, जो सिंचाई के लिए बारिश या भूजल पर निर्भर रहते हैं.
लेकिन अब इस गंभीर समस्या का एक बेहद इनोवेटिव समाधान निकल आया है. ओरेगन के महज 13 साल के छात्र रॉय किम ने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है, जो हवा में छिपी नमी को खींचकर उसे पीने और सिंचाई योग्य पानी में बदल देता है. रॉय का यह आविष्कार भविष्य में खेती-बाड़ी की तस्वीर पूरी तरह से बदल सकता है.
13 साल के रॉय किम की ऐतिहासिक उपलब्धि
ओरेगन के बीवरटन में रहने वाले 13 वर्षीय रॉय किम ने एक अद्भुत कारनामा कर दिखाया है. व्हिटफोर्ड मिडल स्कूल के छात्र रॉय ने एक ऐसा पोर्टेबल डिवाइस बनाया है जो सीधे हवा से नमी सोखकर पानी पैदा करता है. उन्होंने प्रसिद्ध ‘3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज’ प्रतियोगिता के तहत इस तकनीक का विकास किया है. रॉय का मुख्य लक्ष्य उन किसानों की मदद करना है जो सूखे की वजह से अपनी फसलें गंवा देते हैं.
कैसे काम करता है यह डिवाइस?
रॉय किम के इस डिवाइस का मुख्य हिस्सा ‘पेल्टियर मॉड्यूल’ (Peltier Module) है. जब इस मॉड्यूल में बिजली प्रवाहित की जाती है तो इसका एक हिस्सा बहुत गर्म और दूसरा हिस्सा बहुत ठंडा हो जाता है.
सबसे पहले हवा डिवाइस के गर्म हिस्से में लगे फिल्टर से गुजरती है और थोड़ी गर्म हो जाती है.
– इसके बाद एक पंखा (Fan) इस गर्म हवा को ठंडे हिस्से की तरफ धकेलता है.
– तापमान में अचानक आए इस बड़े बदलाव के कारण हवा में मौजूद वाष्प (Water Vapor) तुरंत पानी की बूंदों में बदल जाता है.
– यह पानी एक कीप (Funnel) के जरिए नीचे इकट्ठा होता है और वॉल्व के माध्यम से पौधों तक पहुंच जाता है.
स्मार्ट सेंसर से होगी सटीक सिंचाई
रॉय ने अपने इस डिवाइस में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. इसमें एक सॉइल मॉइस्चर सेंसर (Soil Moisture Sensor) लगाया गया है, जो मिट्टी की नमी को खुद माप लेता है. इससे पौधों को सिर्फ उतना ही पानी मिलता है जितनी उन्हें जरूरत होती है. इसके अलावा, हवा में बहुत ज्यादा तापमान या नमी होने पर इसके सेंसर खुद एयरफ़्लो को एडजस्ट कर लेते हैं ताकि पानी का उत्पादन लगातार होता रहे.
शुरुआती टेस्ट और इसके नतीजे
कई स्तर के परीक्षणों के बाद रॉय के डिवाइस ने 2 घंटे के भीतर लगभग 10 मिलीलीटर पानी तैयार किया. उन्होंने साबित कर दिया कि प्राकृतिक प्रक्रियाओं को इंजीनियरिंग के साथ जोड़कर एक स्थायी समाधान निकाला जा सकता है. अमेरिका के कृषि विभाग के अनुसार 47 फीसदी मीठा पानी सिंचाई में इस्तेमाल होता है. ऐसे में रॉय किम का यह आविष्कार पारंपरिक जल स्रोतों पर किसानों की निर्भरता को काफी हद तक कम कर सकता है.
3M प्रतियोगिता के टॉप 10 में बनाई जगह
रॉय किम अपने इस बेहतरीन मॉडल के साथ 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज के टॉप 10 नेशनल फाइनलिस्ट में जगह बना चुके हैं. इस प्रतियोगिता के अंतिम विजेता की घोषणा 12-13 अक्टूबर 2026 को होगी. रॉय भविष्य में एक बेहतरीन इंजीनियर बनकर पर्यावरण से जुड़ी अन्य समस्याओं का हल खोजना चाहते हैं.

