डेस्क:पटना । बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना सोमवार को पटना के एएन कॉलेज परिसर में जारी है। मतगणना के 15वें राउंड तक जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने अपनी बढ़त कायम रखी है। शुरुआती दौर में मिली बढ़त को उन्होंने अब तक बरकरार रखा है, हालांकि अंतिम नतीजे आने अभी बाकी हैं। बढ़त लगातार बने रहने के बाद पटना स्थित जन सुराज के प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी कार्यालय में जश्न शुरू हो गया। समर्थक एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी का इजहार कर रहे हैं और संभावित जीत की अग्रिम बधाइयां दे रहे हैं। कार्यालय में जमकर नारेबाजी की जा रही है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, 15वें राउंड की मतगणना तक प्रशांत किशोर को 29,752 मत प्राप्त हुए हैं। वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से 8,202 वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। नीरज कुमार सिन्हा को अब तक 21,550 मत मिले हैं। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता 6,755 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार तनवीर आलम को अब तक 494 मत मिले हैं।
अब तक के रुझानों से मुकाबला मुख्य रूप से जन सुराज और भाजपा के बीच दिखाई दे रहा है, जबकि राजद उम्मीदवार शुरुआती दौर से ही पिछड़ती नजर आ रही हैं। हालांकि निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि अंतिम परिणाम सभी राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद ही घोषित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जिसमें 34.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस सीट पर भाजपा, जन सुराज और राजद के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की चर्चा रही, लेकिन अब तक के रुझानों में जन सुराज के प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं।
मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की गई, जबकि सुबह 8:30 बजे से ईवीएम के मतों की गणना शुरू हुई। मतगणना के लिए 16 टेबल बनाए गए हैं और प्रत्येक टेबल पर तीन-तीन कर्मियों की तैनाती की गई है।
ईवीएम के मतों की गिनती कुल 31 राउंड में पूरी होनी है। इस उपचुनाव में भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है, जबकि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और राजद की रेखा गुप्ता समेत कुल 25 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। वर्ष 1995 से भाजपा के कब्जे वाली इस सीट पर इस बार के उपचुनाव के नतीजों पर प्रदेश की राजनीति की विशेष नजर बनी हुई है।

