डेस्क: NEET पेपर लीक (NEET Paper Leak) और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast-track court) में जज (Judge) का बदलाव कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने विशेष जज अनु ग्रोवर बलिगा का तबादला करते हुए उनकी जगह अजय गुप्ता (Ajay Gupta) को नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब बलिगा ने महज एक सप्ताह पहले ही इस अदालत का कार्यभार संभाला था।
एक सप्ताह पहले ही संभाला था कार्यभार
हाईकोर्ट ने 23 जुलाई को पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत का गठन किया था। इसके बाद 25 जुलाई को अनु ग्रोवर बलिगा ने विशेष जज के रूप में कार्यभार संभाला था। हालांकि, पदभार ग्रहण करने के एक सप्ताह के भीतर ही उनका तबादला कर दिया गया। हाईकोर्ट के तबादला आदेश में कुल 137 न्यायाधीशों के स्थानांतरण किए गए हैं।
अब अजय गुप्ता करेंगे सुनवाई
विशेष अदालत की जिम्मेदारी अब अजय गुप्ता को सौंपी गई है। वे पहले भी पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। वहीं, अनु ग्रोवर बलिगा को अब एनआईए अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत में पदस्थ किया गया है।
आज चार्जशीट और जमानत याचिकाओं पर सुनवाई
NEET पेपर लीक मामले की पहली सुनवाई 27 जुलाई को हुई थी, लेकिन बचाव पक्ष के अनुरोध पर उसे स्थगित कर दिया गया था। अब अदालत सोमवार को सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के साथ दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। सीबीआई इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
सुप्रीम कोर्ट में भी होगी सुनवाई
उधर, NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इन मामलों पर विचार करेगी।
शीर्ष अदालत ने 28 जुलाई को राज्यों को निर्देश दिया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। साथ ही, जिन नाबालिग प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को कहा था।
सरकार ने बनाया था फास्ट ट्रैक कोर्ट
सरकार ने NEET पेपर लीक प्रकरण के आरोपियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया था। सरकार का कहना है कि पीड़ित अभ्यर्थियों को जल्द न्याय दिलाना प्राथमिकता है। इसके साथ ही पेपर लीक मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करने के लिए कानून में संशोधन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

