डेस्क: हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt) आज अपना 67वां जन्मदिन (67th Birthday) मना रहे हैं। चार दशक से अधिक लंबे फिल्मी करियर (Film Career) में उन्होंने एक्शन (Action), रोमांस, कॉमेडी और नकारात्मक भूमिकाओं तक अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि पर्दे पर सफलता हासिल करने वाले इस अभिनेता की निजी जिंदगी भी उतार-चढ़ाव, संघर्ष और विवादों (Controversies) से भरी रही। यही वजह है कि संजय दत्त का जीवन अक्सर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं माना जाता।
29 जुलाई 1959 को अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नरगिस दत्त के घर जन्मे संजय दत्त का बचपन फिल्मी माहौल में बीता। बचपन में उन्होंने पिता की फिल्म ‘रेश्मा और शेरा’ में एक छोटी भूमिका निभाई थी। इसके बाद वर्ष 1981 में फिल्म ‘रॉकी’ से बतौर मुख्य अभिनेता बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि उनकी पहली फिल्म रिलीज होने से कुछ दिन पहले ही उनकी मां नरगिस का निधन हो गया, जिसने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला।
मां के निधन के बाद संजय दत्त कठिन दौर से गुजरे और नशे की लत ने उनकी जिंदगी को प्रभावित किया। बाद में उन्होंने स्वयं इस आदत से बाहर निकलने का फैसला किया और पिता सुनील दत्त के सहयोग से विदेश में उपचार कराया। इलाज के बाद उन्होंने नई शुरुआत की और खुद को शारीरिक तथा मानसिक रूप से मजबूत बनाने पर ध्यान दिया। इसके बाद उन्होंने दोबारा फिल्मों में वापसी कर अपने अभिनय से दर्शकों का विश्वास हासिल किया।
संजय दत्त ने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया। ‘नाम’, ‘साजन’, ‘खलनायक’, ‘वास्तव’, ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’, ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ और कई अन्य फिल्मों में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली। एक्शन हीरो से लेकर संवेदनशील किरदार और हास्य भूमिकाओं तक उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। समय के साथ उन्होंने खलनायक की भूमिकाओं में भी अलग पहचान बनाई।
उनकी निजी जिंदगी भी लगातार चर्चा में रही। शुरुआती दिनों में अभिनेत्री टीना मुनीम के साथ उनके रिश्ते की चर्चा हुई। बाद में उन्होंने अभिनेत्री ऋचा शर्मा से विवाह किया, जिनसे उनकी एक बेटी त्रिशला दत्त हैं। ऋचा शर्मा के निधन के बाद संजय ने रिया पिल्लई से विवाह किया, लेकिन यह रिश्ता भी लंबे समय तक नहीं चल सका। वर्ष 2008 में उन्होंने मान्यता दत्त से विवाह किया और दोनों आज जुड़वा बच्चों के साथ पारिवारिक जीवन बिता रहे हैं।
संजय दत्त का नाम 1993 मुंबई बम विस्फोट मामले में भी लंबे समय तक सुर्खियों में रहा। कानूनी प्रक्रिया और जेल की सजा के दौर ने उनके जीवन और करियर को प्रभावित किया, लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने फिल्मों में वापसी की और लगातार सक्रिय रहे। उनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘संजू’ ने भी उनके संघर्षों और जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शकों के सामने रखा।
हाल के वर्षों में संजय दत्त हिंदी के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी सक्रिय रहे हैं। बड़े बजट की कई फिल्मों में उन्होंने प्रभावशाली नकारात्मक किरदार निभाकर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है। उनके आगामी फिल्मी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी प्रशंसकों में उत्सुकता बनी हुई है।
संजय दत्त का सफर इस बात का उदाहरण माना जाता है कि कठिन परिस्थितियों और व्यक्तिगत चुनौतियों के बावजूद निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के दम पर नई शुरुआत की जा सकती है। 67वें जन्मदिन के अवसर पर उनके प्रशंसक उनके लंबे, सफल और सक्रिय फिल्मी जीवन का जश्न मना रहे हैं।

