डेस्क: चीन (China) के 23 वर्षीय एक युवक की दुर्लभ बीमारी (rare disease) इन दिनों दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीमारी के कारण उसके सिर की त्वचा असामान्य रूप से मोटी होती चली गई और उस पर इतनी गहरी सिलवटें (Deep wrinkles) बन गईं कि सिर की बनावट इंसानी दिमाग जैसी दिखाई देने लगी। लंबे समय तक इलाज की कोशिशों के बाद आखिरकार डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर युवक को नई जिंदगी दी।
किशोरावस्था में शुरू हुई थी परेशानी
हुनान प्रांत के रहने वाले 23 वर्षीय ली को पहली बार करीब 14 साल की उम्र में महसूस हुआ कि उनके सिर की त्वचा सामान्य नहीं है। शुरुआत में सिर के एक हिस्से में हल्की मोटाई दिखाई दी, लेकिन समय बीतने के साथ त्वचा और मोटी होती गई। धीरे-धीरे पूरे सिर पर गहरी सिलवटें बनने लगीं और उसका आकार पूरी तरह बदल गया।
स्थिति ऐसी हो गई कि उनका सिर देखने में पत्थर जैसा सख्त और इंसानी मस्तिष्क की सतह जैसा दिखाई देने लगा। इस वजह से लोग उन्हें अजीब नजरों से देखने लगे, जिससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हुआ और उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना कम कर दिया।
कई अस्पतालों ने सर्जरी से किया इनकार
अपनी समस्या का समाधान खोजने के लिए ली ने कई अस्पतालों में इलाज कराया। शुरुआती उपचार से उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ और सिर पर निशान भी पड़ गए। बाद में कई डॉक्टरों ने यह कहकर सर्जरी करने से मना कर दिया कि पहले हुए उपचार के कारण सिर पर पर्याप्त स्वस्थ त्वचा नहीं बची है, जिससे ऑपरेशन जोखिम भरा हो सकता है।
लंबे समय तक कोई समाधान नहीं मिलने के कारण ली को लगने लगा था कि शायद वह कभी सामान्य जीवन नहीं जी पाएंगे।
11 महीने चली तैयारी, फिर हुई बड़ी सर्जरी
आखिरकार ली का इलाज वुहान यूनिवर्सिटी के झोंगनान हॉस्पिटल में प्लास्टिक सर्जन डॉ. झोउ वेई और उनकी टीम ने अपने हाथ में लिया। जांच के दौरान पता चला कि वह कटिस वर्टिसिस जाइराटा (Cutis Verticis Gyrata-CVG) नाम की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं।
डॉक्टरों ने दो चरणों में इलाज की योजना बनाई। पहले चरण में सिर की त्वचा के नीचे विशेष टिश्यू एक्सपैंडर लगाए गए, जिनकी मदद से स्वस्थ त्वचा को धीरे-धीरे फैलाया गया। यह प्रक्रिया करीब 11 महीने तक चली।
इसके बाद दूसरी सर्जरी में अतिरिक्त और असामान्य त्वचा को हटाकर स्वस्थ त्वचा की मदद से सिर को सामान्य आकार दिया गया। करीब तीन घंटे चली इस जटिल सर्जरी के बाद ली के सिर की बनावट काफी हद तक सामान्य हो गई और समय के साथ उनके सिर पर दोबारा बाल भी उगने लगे।
क्या है Cutis Verticis Gyrata (CVG)?
कटिस वर्टिसिस जाइराटा (CVG) सिर की त्वचा से जुड़ी एक बेहद दुर्लभ बीमारी है। इसमें स्कैल्प की त्वचा असामान्य रूप से मोटी हो जाती है और उस पर गहरी सिलवटें बनने लगती हैं। कई मामलों में ये सिलवटें इतनी स्पष्ट होती हैं कि सिर की सतह इंसानी मस्तिष्क जैसी दिखाई देती है।
यह बीमारी आमतौर पर किशोरावस्था या युवावस्था में सामने आती है और पुरुषों में इसके मामले महिलाओं की तुलना में अधिक देखे जाते हैं।
लाखों में कुछ लोगों को ही होती है यह बीमारी
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, CVG बेहद दुर्लभ रोग है और हर एक लाख लोगों में केवल कुछ ही मरीजों में यह देखने को मिलता है। यही कारण है कि अधिकांश डॉक्टरों को अपने पूरे करियर में इसके बहुत कम मामले देखने का अवसर मिलता है।
इस बीमारी का सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हालांकि कुछ मामलों में इसे आनुवंशिक कारणों, हार्मोनल बदलाव या अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों से जुड़ा माना जाता है।
समय पर इलाज से संभव है सामान्य जीवन
विशेषज्ञों का कहना है कि CVG हर मरीज के लिए जानलेवा नहीं होती, लेकिन यदि त्वचा की मोटाई बढ़ने से व्यक्ति की सामान्य जिंदगी प्रभावित होने लगे तो इलाज जरूरी हो जाता है। हल्के मामलों में नियमित निगरानी और साफ-सफाई पर्याप्त हो सकती है, जबकि गंभीर स्थिति में प्लास्टिक सर्जरी सबसे प्रभावी उपचार मानी जाती है।
ली की कहानी इस बात का उदाहरण है कि दुर्लभ बीमारी होने के बावजूद सही समय पर विशेषज्ञ इलाज और धैर्य के साथ मरीज सामान्य जीवन की ओर लौट सकता है।

