डेस्क: फ्रांस की राजधानी पेरिस (France – Paris) में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक व्यक्ति ने सड़क पर चल रही महिलाओं पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में तीन महिलाएं घायल हो गईं, जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है। मौके पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए आरोपी को भागने नहीं दिया और उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
दो चाकुओं के साथ किया हमला
घटना उत्तरी पेरिस के पोर्टे दि क्लिशी इलाके की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी के हाथ में दो नुकीले चाकू थे और वह अचानक राह चलती महिलाओं पर टूट पड़ा। हमले के दौरान उसने कई बार धार्मिक नारे लगाए और दावा किया कि उसे यह हमला करने का आदेश मिला है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा।
राहगीरों ने दिखाई बहादुरी
घटना के चश्मदीद मोहम्मद अली बुहादजार ने बताया कि उन्होंने एक महिला पर पीछे से हमला होते देखा तो तुरंत शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, तभी एक व्यक्ति ने उसके ऊपर सूटकेस फेंक दिया, जिससे उसके हाथ से चाकू छूट गया। इसके बाद लोगों ने उसे जमीन पर गिराकर काबू कर लिया और दोनों चाकुओं को दूर फेंक दिया।
ड्यूटी पर नहीं थे, फिर भी पुलिस अधिकारी ने संभाला मोर्चा
मौके पर संयोग से एक पुलिस अधिकारी मौजूद था, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं था। उसने तुरंत स्थिति संभाली और आरोपी को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी लगातार असंबद्ध बातें कर रहा था और उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी।
कोर्ट में भी दोहराया वही दावा
जांच के दौरान आरोपी ने अदालत में भी कहा कि उसने यह हमला किसी व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण नहीं, बल्कि उसे ऐसा करने का आदेश मिला था। हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि आरोपी मानसिक बीमारी से पीड़ित हो सकता है। फिलहाल उसकी मानसिक स्थिति और हमले के पीछे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
जांच जारी
पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने महिलाओं को ही निशाना क्यों बनाया और क्या उसने पहले से इस हमले की योजना बनाई थी। अधिकारियों ने फिलहाल मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने एक बार फिर फ्रांस में सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को लेकर बहस तेज कर दी है।

