केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी समेत कई दिग्गज रहे मौजूद; दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुमित कुमार मिश्र की पुस्तक को मिली सराहना
नई दिल्ली। देश की नई आपराधिक न्याय व्यवस्था पर आधारित पुस्तक ‘नवभारत का न्याय दर्शन’ का भव्य विमोचन सोमवार को नई दिल्ली के हिंदी भवन में आयोजित समारोह में हुआ। पुस्तक का लोकार्पण केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार एवं आईजीएनसीए के अध्यक्ष , , तथा ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में करीब 850 लोग शामिल हुए।
यह पुस्तक देश में 1 जुलाई 2024 से लागू तीन नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—पर आधारित है। पुस्तक में इन कानूनों का सरल, व्यावहारिक और विस्तृत विश्लेषण किया गया है, जिससे कानून के विद्यार्थी, अधिवक्ता, शोधार्थी और आम नागरिक भी नई न्याय व्यवस्था को आसानी से समझ सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजभूषण चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने औपनिवेशिक कानूनों से मुक्त होकर अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप नई आपराधिक न्याय प्रणाली अपनाई है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक नए कानूनों को समझने के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका साबित होगी।

वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने कहा कि पुस्तक में पौराणिक न्याय व्यवस्था से लेकर आधुनिक भारतीय न्याय प्रणाली तक की यात्रा का रोचक और गंभीर विश्लेषण किया गया है। वहीं हितेश शंकर ने इसे भारतीय न्याय व्यवस्था में आए ऐतिहासिक बदलाव को समझने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। शिवशक्ति बख्शी ने कहा कि सरल भाषा में लिखी गई यह पुस्तक नए कानूनों को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। पंकज झा ने इसे युवा अधिवक्ताओं और विधि के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी संदर्भ ग्रंथ बताया।
पुस्तक की प्रस्तावना राम बहादुर राय ने लिखी है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी, संसद की कानून एवं न्याय संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष , राज्यसभा सांसद और झंझारपुर सांसद ने भी पुस्तक के लिए शुभकामना संदेश दिए हैं।
पुस्तक के लेखक दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता हैं। वे पूर्व में दूरदर्शन, नई दिल्ली में कार्य कर चुके हैं और डीडी किसान चैनल के शुभारंभ से जुड़े रहे हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड के कटैया गांव निवासी सुमित कुमार मिश्र की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। समारोह में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, पत्रकारों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

