दरभंगा

बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, दरभंगा शाखा के द्वारा स्नातकोत्तर छात्रों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित

दरभंगा:राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति, जिनके शिक्षित, जागरुक, जिम्मेदार एवं ऊर्जावान होने से ही राष्ट्र होगा विकसित- प्रो एन के अग्रवाल* *कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अनुमति से प्रतियोगिता को मिली ऐतिहासिक सफलता- संयोजक विनोद कुमार सरावगी* युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। समाज की प्रगति इसपर निर्भर है कि वहां के युवा कितने शिक्षित, तार्किक, संवेदनशील एवं जिम्मेदार हैं। लोकतांत्रिक देश भारत में मतभेद स्वाभाविक है, पर मनभेद नहीं होना चाहिए। समाज में स्वास्थ्य बहस जरूरी है, पर हमें धैर्य पूर्वक दूसरों की बातों को भी सुनना चाहिए। उक्त बातें बिहार सरकार के उच्च शिक्षा निदेशक प्रो एन के अग्रवाल ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के सेमिनार हॉल में बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, दरभंगा शाखा के द्वारा दरभंगा के चयनित स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं के बीच विभिन्न विषयों पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में कही। प्रो अग्रवाल ने कहा कि इस वाद-विवाद प्रतियोगिता से छात्रों के व्यक्तित्व में अवश्य ही निखार आएगा। इस आयोजन में युवाओं को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा तथा उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कहा कि विवेकपूर्ण निर्णयों से ही परिवर्तन आता है। शिक्षित, जागरूक एवं ऊर्जावान युवाओं से ही राष्ट्र विकसित होगा। आज का दिन बहुत ही ऐतिहासिक है, क्योंकि आज ही कारगिल युद्ध में हमें विजय मिली थी। उन्होंने 27 वर्ष पहले कारगिल युद्ध के शहीदों के लिए लोगों से खड़े होकर 2 मिनट का मौन धारण करवाया। बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, दरभंगा एवं उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष विनोद कुमार सरावगी ने स्वागत संबोधन में कहा कि कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अनुमति से ही इस वाद-विवाद प्रतियोगिता को ऐतिहासिक सफलता मिल रही है। कहा कि शिक्षा-दान सबसे बड़ा दान माना जाता है। सेवा एवं विकास कार्य सिर्फ सरकार का ही नहीं, बल्कि हम सब का भी दायित्व है। उन्होंने संगठन के विभिन्न उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे संगठन का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं को चुनना ही नहीं, बल्कि उन्हें मंच प्रदान करना भी है। डिबेट हेतु अलग-अलग कुल 32 टॉपिक्स चुने गए हैं, जिनके पक्ष एवं विपक्ष में अलग-अलग विभाग के छात्र-छात्राएं तर्क प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दरभंगा के 30 स्नातकोत्तर विभागों एवं पीजी संचालित कॉलेजों के 60 प्रतिभागियों भाग ले रहे हैं। सम्मानित अतिथि के रूप में चैम्बर ऑफ कॉमर्स, दरभंगा के अध्यक्ष पवन कुमार सुरेका ने प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामना देते हुए अपने छात्र जीवन को याद कर बताया कि सी एम कॉलेज में मैं 1967-68 में वाद-विवाद समिति के महासचिव के रूप में 30 से अधिक कॉलेजों में प्रतिनिधित्व किया था। पी जी वाणिज्य विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो ललन प्रसाद सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त किया कि दरभंगा का मारवाड़ी समाज शिक्षा, स्वास्थ्य, समाजसेवा आदि क्षेत्रों में प्रशंसनीय कार्य कर रहा है। इस प्रतियोगिता में सभी टीमों के लिए अलग-अलग टॉपिक रखना सराहनीय है। इससे प्रतिभागियों को अपनी तार्किक एवं संप्रेषण क्षमता को विकसित करने का न केवल मौका, बल्कि एक- दूसरे से सीखने का अवसर भी मिलेगा। कार्यक्रम का प्रारंभ राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। वंदना बोहरा ने ओम का उच्चारण कराते हुए उसके महत्त्वों को रेखांकित किया। अतिथियों का स्वागत दुपट्टा, मोमेंटो एवं पुष्प से किया गया। इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में डॉ राज कुमार सिंह, पवन कुमार बगरिया, सुशील कुमार जैन, विश्वविद्यालय वाणिज्य के विभागाध्यक्ष डॉ राजकुमार साह, सम्मेलन के शाखा मंत्री मनोज कुमार डोकानिया, कोषाध्यक्ष अनुप कुमार शर्मा, डॉ आर बी खेतान, डॉ ए डी एन सिंह, बिनोद कुमार पंसारी, विजय जालान, अरविन्द भालोटिया, गौरव शर्मा, संजय अग्रवाल, राज पंसारी, संदीप अग्रवाल, प्रदीप पंसारी, पवन वर्मा, आशीष खेरिया, संजय पोद्दार, सुनील, डॉ अभिमन्यु आदि सदस्यगण उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र का संचालन करते हुए राजेश बोहरा ने मारवाड़ी समाज का उद्देश्य विस्तार से बताया तथा कहा कि हमारा उद्देश्य ‘सेवा परमो धर्म:’ है। हमारी आबादी मात्र 0.6% है, पर हम जीडीपी में 35 से 40% योगदान देते हैं। दानशीलता हमारे डीएनए में है। हम मूलतः राजस्थान के होते हुए भी दिल से बिहारी हैं और हमारे रग-रग में बिहार एवं मिथिला की परंपरा एवं संस्कृति रची बची है। वाद-विवाद प्रतियोगिता का संचालन करते हुए मनमोहन सरावगी ने प्रतियोगिता के सभी नियमों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। निर्णायक मंडल के सदस्यों में डॉ आर एन चौरसिया, डॉ ललित शर्मा, डॉ प्रियंका राय, डॉ नीतू कुमारी, डॉ निर्मला कुशवाह एवं पंकज कुमार श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मनोज कुमार डोकानिया ने बताया कि प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों को 5 मिनट का समय दिया जा रहा है, जिस कारण यह देर शाम तक चलेगी।

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