ड्यूटी पर लौटें सफाईकर्मी, रोकने-धमकाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई- सलोनी शर्मा, निगमायुक्त।

21 दरोगा-सुपरवाईजर व 65 सफाई कर्मियों ने ज्वाइन की ड्यूटी, अन्य कर्मचारियों को भी निर्भीक होकर लौटने की अपील।
नगर निगम ने शहर से एक दिन में उठाया करीब 200 मीट्रिक टन कचरा, डोर-टू-डोर कलेक्शन भी जारी।

करनाल 9 सितंबर, शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर बनाए रखने के लिए नगर निगम करनाल ने पूरी ताकत झोंक दी है। सफाई कर्मचारियों के एक वर्ग की ओर से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के बावजूद निगम प्रशासन व सुगम स्वच्छता एजेंसी द्वारा उपलब्ध संसाधनों एवं कर्मचारियों के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों, प्रमुख सडक़ों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को नगर निगम की टीमों ने विभिन्न स्थानों से करीब 200 मीट्रिक टन कूड़ा-कचरा उठाया। वहीं, शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य भी लगातार जारी रखा गया है।
नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सफाई व्यवस्था आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सेवा है और इसमें किसी भी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम का पूरा प्रयास है कि शहरवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिले और सफाई व्यवस्था किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो।
नोटिस के बाद 86 कर्मचारियों ने ज्वाइन की ड्यूटी।
निगमायुक्त ने बताया कि सरकार एवं विभाग द्वारा जारी निर्देशों के तहत संबंधित सफाई दरोगाओं, सुपरवाईजरों एवं सफाई कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे तथा उन्हें तत्काल अपनी ड्यूटी पर वापस लौटने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 21 सफाई दरोगा एवं सुपरवाईजर तथा 65 सफाई कर्मचारियों सहित कुल 86 कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली है।
उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी अभी तक ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे हैं, वे किसी भी प्रकार के दबाव या भय में न आएं और निर्भीक होकर तत्काल अपनी ड्यूटी ज्वाइन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने अथवा विभागीय निर्देशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कर्मचारियों को डराने-धमकाने की शिकायतों पर निगमायुक्त सख्त।
निगमायुक्त ने कहा कि ऐसी सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं कि कुछ यूनियन नेताओं द्वारा सफाई कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन करने से रोकने तथा उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि किसी भी कर्मचारी को उसकी ड्यूटी करने से रोकना पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई यूनियन नेता, सफाई कर्मचारी, दरोगा, सुपरवाइजर अथवा अन्य व्यक्ति किसी सफाई कर्मचारी को ड्यूटी ज्वाइन करने से रोकता, धमकाता अथवा उस पर किसी प्रकार का दबाव बनाता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी व नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शहर की सफाई से कोई समझौता नहीं।
उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन का ध्यान शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य एवं सुचारू बनाए रखने पर केंद्रित है। इसके लिए निगम की मशीनरी, उपलब्ध संसाधनों और ड्यूटी पर लौटे कर्मचारियों को प्रभावी रूप से सफाई कार्य में लगाया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कचरा जमा होने की सूचना मिल रही है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सफाई करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का प्रयास है कि शहर में कहीं भी लंबे समय तक कचरे का ढेर जमा न रहे। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को भी निरंतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
‘डरें नहीं, ड्यूटी पर लौटें’- सफाई कर्मियों से निगमायुक्त की अपील।
निगमायुक्त ने सभी सफाई कर्मचारियों से पुन: अपील करते हुए कहा कि वे किसी के बहकावे, दबाव अथवा डर में न आएं। वे निर्भीक होकर अपनी ड्यूटी पर लौटें और शहर की सफाई व्यवस्था में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की कि वे सडक़ों एवं सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न डालें, निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही कचरा दें तथा निगम की सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

