डेस्क: आज पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘शहीद दिवस’ एक अभूतपूर्व दौर में पहुंच गया, जब तीन प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक खेमे मध्य कोलकाता में महज ढाई किलोमीटर के दायरे में समानांतर कार्यक्रम आयोजित करने लगे।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली TMC के कार्यक्रम में एक अजीबोगरीव वाकया देखने को मिला। दरअसल, हुआ यूं कि जैसे ही पार्टी के महासचिव और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी मंच पर पहुंचे तो पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी सभा के बीच में ही अचानक मंच छोड़कर चले गए, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
अभिषेक बनर्जी के भाषण के दौरान निकले बाहर
जब तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी मंच से अपना संबोधन दे रहे थे। उस समय कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय और महुआ मोइत्रा जैसे दिग्गजों के साथ मंच पर मौजूद थे,लेकिन अचानक उठे और गुस्से में वहां से चले गए।
क्या रही वजह?
जब पत्रकारों ने उनसे मंच छोड़ने का कारण पूछा, तो कल्याण बनर्जी ने इसे “व्यक्तिगत कारण” बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह बाद में वापस आएंगे। इस बीच, तृणमूल समर्थकों के एक खेमे का यह भी कहना है कि वे अपने किसी कानूनी केस के सिलसिले में कोर्ट जाने के लिए निकले थे। मंच छोड़ने से पहले कल्याण बनर्जी ने अपने संबोधन में ममता बनर्जी की जमकर प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि “ममता के बिना न तृणमूल है, न विपक्षी पार्टी और न ही जनता।” साथ ही उन्होंने भाजपा और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर भी तीखा प्रहार किया।
ममता बनर्जी का संबोधन
रैली के दौरान ममता बनर्जी ने भी मंच से कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने ‘नई तृणमूल’ की चर्चा करते हुए चेतावनी दी कि जो लोग भाजपा के करीब जा रहे हैं, उनकी अब जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्होंने पिछली रात की तैयारी में जुटे नेताओं की सूची में अभिषेक, महुआ और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए उनके संघर्ष को भी याद किया। बता दें कि अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन, कल्याण बनर्जी और डोला सेन समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ ममता बनर्जी पूरी रात कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहीं, जबकि पार्टी कार्यकर्ता मंगलवार सुबह तक मंच की सुरक्षा में तैनात रहे।
मंच पर हुई तोड़फोड़
ममता बनर्जी ने मध्यरात्रि के करीब कार्यक्रम स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि 1993 की पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिवारों और कार्यकर्ताओं को इस कार्यक्रम में शामिल होने से रोका जा रहा है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, “हमारे कार्यकर्ताओं को बैठक में आने से रोका जा रहा है। पुलिस द्वारा शहीदों के परिवारों को डराया-धमकाया जा रहा है। हमारे मंच पर तोड़फोड़ की गई है, बैनर फाड़ दिए गए हैं और बिजली तथा माइक की लाइन काट दी गई हैं। अदालत के आदेश पर बाहर आए एक अपराधी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के करीब 60-65 समर्थित गुंडों ने इस हमले को अंजाम दिया है।”

