दरभंगा

संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ से निपटने की तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा

तटबंधों की सतत निगरानी, त्वरित आपदा प्रतिक्रिया, पर्याप्त नाव, पॉलीथिन शीट एवं राहत केंद्रों की तैयारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

दरभंगा, 18 जुलाई 2026 :-समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

 

बैठक में जल संसाधन विभाग के अभियंता,आपदा प्रबंधन विभाग एवं वरीय अधिकारियों के साथ संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु विभिन्न तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

 

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के सभी अभियंताओं से तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों की स्थिति एवं सुरक्षात्मक उपायों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

 

उन्होंने सभी अभियंताओं को निर्देश दिया कि तटबंधों का लगातार अनुश्रवण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की क्षति अथवा कटाव की सूचना मिलते ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

समीक्षा के क्रम में अभियंताओं द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा पर्याप्त मात्रा में सैंड बैग उपलब्ध हैं। इस पर जिलाधिकारी ने विशेष रूप से वर्षा के दौरान होने वाले रेनकट (Rain Cut) वाले स्थलों पर सतर्क निगरानी रखते हुए समयबद्ध ढंग से मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य कराने का निर्देश दिया।

 

बताया कि आपदा प्रबंधन के तहत पॉलीथिन शीट संबंधित अंचलों में भेज दी गई है। डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पॉलीथिन शीट का सत्यापन शीघ्र कराते हुए आवश्यकतानुसार सुरक्षित भंडारण एवं वितरण की तैयारी सुनिश्चित करें।

 

उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी त्वरित एवं प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करना है। सभी अंचलाधिकारी क्विक रिस्पांस टाइम (Quick Response Time) के साथ कार्य करें, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

 

डीएम ने विशेष रूप से कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, गौड़ाबौराम, किरतपुर एवं घनश्यामपुर अंचलों में 1500 से 2000 पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने का निर्देश दिया, जिससे आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके।

 

बैठक में अपर समाहर्ता सह प्रभारी, आपदा प्रबंधन श्री सलीम अख्तर ने जानकारी दी कि निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा (Agreement) किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।

 

उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को नाविकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने को कहा। साथ ही यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि नावों का परिचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए तथा क्षमता से अधिक यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में नाव पर नहीं बैठाया जाए।

 

समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 13 बाढ़ आश्रय स्थल चिन्हित हैं। जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को बाढ़ राहत केंद्रों, सामुदायिक भवनों एवं आश्रय स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

 

उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में पेयजल, शौचालय, विद्युत, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रहनी चाहिए।

 

डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारियों को भी तटबंधों का नियमित अनुश्रवण करने तथा क्षेत्रीय स्तर पर सभी तैयारियों की सतत समीक्षा करते रहने का निर्देश दिया।

 

बैठक के दौरान पशु चारा की उपलब्धता, जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण, आपदा से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि के समयबद्ध भुगतान सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की भी विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।

 

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने का निर्देश दिया।

 

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल, अपर समाहर्ता (राजस्व) श्री मनोज कुमार, अपर समाहर्ता सह प्रभारी, आपदा प्रबंधन श्री सलीम अख्तर, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, डीसीएलआर सदर, जिला सूचना एवं जन संपर्क पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के अभियंता तथा संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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