दरभंगा : जलवार गांव में पैराडाइज इंडिया गैस एजेंसी, खिरमा की सुरक्षा जांच टीम और कुछ ग्रामीणों के बीच विवाद का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाई गई कि एजेंसी के कर्मचारी फर्जी तरीके से पैसे की वसूली कर रहे हैं। इसी दौरान एजेंसी के निरीक्षण कार्य में लगे कर्मचारियों के साथ कुछ ग्रामीणों द्वारा मारपीट की घटना भी हुई।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना द्वारा मामले की जांच की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि एजेंसी द्वारा की जा रही कार्रवाई कंपनी की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार थी और इसमें किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं की जा रही थी।

इंडियन ऑयल के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक एलपीजी उपभोक्ता के यहां हर 5 वर्ष में अनिवार्य सुरक्षा जांच की जाती है। इस प्रक्रिया के तहत गैस सिलेंडर, रेगुलेटर और पाइप की जांच के साथ-साथ ई-केवाईसी भी किया जाता है। इस सुरक्षा जांच का निर्धारित शुल्क ₹236 है।

यदि जांच के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से गैस रबर होज़ (पाइप) बदलना आवश्यक पाया जाता है, तो उसके लिए ₹190 का निर्धारित शुल्क लिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया की सूचना जिला आपूर्ति विभाग को भी उपलब्ध कराई जाती है।
जांच के दौरान एजेंसी की ओर से खुशबू कुमारी, विपिन कुमार एवं मनोज कुमार पासवान, निक्की चौधरी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस जांच में एजेंसी द्वारा कंपनी के नियमों का पालन करते हुए कार्य किए जाने की पुष्टि हुई।
प्रशासन एवं एजेंसी ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। यदि किसी को किसी शुल्क या प्रक्रिया को लेकर संदेह हो तो संबंधित गैस एजेंसी या जिला आपूर्ति विभाग से जानकारी प्राप्त करें। सुरक्षा जांच उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जाती है और यह कंपनी के निर्धारित मानकों के अनुरूप होती है।

