डेस्क: महाराष्ट्र (Maharashtra) के प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थल सिंहगढ़ (Sinhagad) किले पर लगाए गए एक विवादित पोस्टर (Poster) को लेकर प्रशासन (Administration) और पुलिस (Police) सतर्क हो गई है। किले के मुख्य प्रवेश द्वार के पास मिले इस पोस्टर में एक विशेष समुदाय के प्रवेश को लेकर आपत्तिजनक संदेश लिखा गया था। मामला सामने आते ही संबंधित अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पोस्टर को हटा दिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बिना औपचारिक शिकायत का इंतजार किए स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह पोस्टर मंगलवार सुबह किले के प्रवेश द्वार के निकट पार्किंग क्षेत्र के पास लगे एक पुराने लोहे के बोर्ड पर चिपका हुआ मिला। वन विभाग के कर्मचारियों ने नियमित निरीक्षण के दौरान इसे देखा और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पोस्टर को तुरंत हटाया गया ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी या सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि पोस्टर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तड़के के समय लगाया गया होगा। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि पोस्टर को इस प्रकार तैयार किया गया था जिससे वह किसी अधिकृत आदेश जैसा दिखाई दे। पोस्टर के अंत में मराठी भाषा का ऐसा शब्द लिखा गया था जिसका अर्थ आदेशानुसार होता है। अधिकारियों को आशंका है कि इसका उद्देश्य लोगों और पर्यटकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करना हो सकता है।
घटना के सामने आने के कुछ समय बाद ही पोस्टर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगीं। इसके बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह किसी भी सरकारी विभाग या अधिकृत संस्था की ओर से जारी नहीं किया गया था। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में किसी व्यक्ति या संगठन की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसके बावजूद पुलिस ने इसे सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला मानते हुए जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर समाज में वैमनस्य फैलाने या शांति भंग करने का प्रयास किया गया है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
जांच के तहत किले की ओर जाने वाले मार्गों, प्रवेश द्वार और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने और पोस्टर लगाने के समय की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों के साथ अन्य उपलब्ध जानकारियों को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा जा सके।
सिंहगढ़ किला महाराष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों में से एक है और इसका संबंध छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास तथा प्रसिद्ध सिंहगढ़ युद्ध से माना जाता है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे ऐतिहासिक और सार्वजनिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसलिए किसी भी प्रकार की भ्रामक, विवादित या सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली गतिविधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

