दरभंगा:कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के व्याकरण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीताचरण झा की अध्यक्षता में पूर्व छात्र-छात्राओं के सम्मान एवं एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय से निरंतर जुड़े रहने तथा अपने अनुभवों से वर्तमान विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. सीताचरण झा, व्याकरण साहित्य संकायाध्यक्ष प्रो. दयानाथ झा, डॉ. साधना शर्मा, डा. एल् सविता आर्या तथा डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री ने सभी पूर्व छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर छात्रों के साथ संवाद एवं काउंसिलिंग सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, शोध तथा रोजगार के विभिन्न अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षको ने कहा कि सभी पूर्व विद्यार्थी विश्वविद्यालय परिवार का अभिन्न अंग हैं और उन्हें सदैव विश्वविद्यालय के विकास एवं प्रतिष्ठा के लिए सहयोग करते रहना चाहिए।
इसी अवसर पर व्याकरण विभाग के पूर्व छात्रों को सुलभ छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के पी आर ओ. डॉ. निशिकांत सिंह ने बताया कि सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. बिन्देश्वर पाठक द्वारा दानस्वरूप प्रदान की गई राशि के ब्याज से हर कक्षा के श्रेष्ठ पांच विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
छात्रवृत्ति वितरण के अंतर्गत आचार्य सत्र 2019–21 के तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों—दिवेश कुमार झा, गजेन्द्र कुमार झा, दीपक कुमार, शालिनी तथा जवाहर पंडित—को ₹7,500-₹7,500 की छात्रवृत्ति चेक द्वारा प्रदान की गई। वहीं आचार्य सत्र 2020–22 के द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों—शुभम कुमार झा, हिमांशु मिश्र, गजेन्द्रनाथ झा एवं श्रवण कुमार यादव—को ₹3,750-₹3,750 तथा आचार्य सत्र 2021–23 के प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों—विश्वम्भर झा, अपर्णा प्रियम्वदा, मिथुन कुमार झा एवं गुलशन कुमार शुक्ल—को ₹6,750-₹6,750 की छात्रवृत्ति के चेक प्रदान किए गए। इस प्रकार विभाग के कुल 13 विद्यार्थियों को सुलभ छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया।
एलुमनाई मीट के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्व छात्र-छात्राओं के साथ संवाद एवं सहभागिता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक दो माह में एक एलुमनाई मीट का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक तथा व्यावसायिक सहयोग को और अधिक बढ़ावा मिल सके।

