डेस्क: जयपुर में एक 24 साल की बेटी ने सरकारी नौकरी करने वाली अपनी मां नीरज शर्मा को गाड़ी से कुचलवा दिया. वजह थी उसकी सरकारी नौकरी जो लॉ की पढ़ाई कर रही बेटी आयुषी को चाहिए थी. इस मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है.
अब तक ये बात लोगों को हजम नहीं हो पा रही थी कि कैसे एक बेटी अपनी मां की हत्या करवा सकती है. इस बीच एक और खुलासे ने दिमाग को सुन्न कर दिया है. आयुषी के सगे मामा राकेश शर्मा ने उस पर एक साल पहले पिता विजय शर्मा की भी हत्या का आरोप लगाया है. मामा के मुताबिक, आयुषी ने अपने पापा और मम्मी दोनों को मार दिया.
आयुषी पर पापा के भी कत्ल का आरोप
मामा राकेश शर्मा ने जयपुर के प्रताप नगर में इस मामले को लेकर एक FIR दर्ज करवाई थी. उनका दावा है कि आयुषी ने ही अप्रैल 2025 में अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर इलाज के दौरान विजय शर्मा की फीडिंग पाइप हटाकर उनकी जान लेने की साजिश रची थी. इसके पीछे उन्होंने आयुषी के अनुकंपा वाली सरकारी नौकरी और पारिवारिक संपत्ति को हासिल करने के लालच को वजह बताई है. मां के कत्ल के आरोप में आयुषी पहले से जेल में है. अब पिता की हत्या की जांच भी शुरू हो गई है.
आयुषी के मामा ने शिकायत में कहा है कि पिता की बीमारी के समय उसने परिवार को बताया था कि उसकी एक वरिष्ठ डॉक्टर से बात हुई है. उन्होंने सलाह दी है कि और बेहतर इलाज के लिए पिता को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है. इसके बाद वह अपेन चचेरे भाई बलराम के साथ पिता विजय शर्मा को अपने साथ ले गई. आरोप है कि करीब तीन महीने तक परिवार को उनकी सही लोकेशन नहीं बताई गई. पिता को ब्रेन हैमरेज हुआ था.मामा का कहना है कि जब मां नीरज शर्मा ने बेटी ने लगातार पति के बारे में पूछा तो उनको केवल इतना बताया कि वे दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं. हालांकि मां नीरज शर्मा अपनी खराब तबीयत और अन्य कारणों से उनसे मिलने नहीं जा सकीं.
मामा का आरोप-आयुषी ने रची थी पिता की हत्या की साजिश
बाद में आयुषी ने परिवार को बताया कि सके पिता एक प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं. जब परिजन वहां पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि उनके अधिकांश अंग गंभीर रूप से प्रभावित हो चुके हैं. इसके बाद उन्हें घर लाया गया, जहां कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई. आयुषी के मामा का दावा है कि उसके पिता विजय की मौत नेचुरल नहीं बल्कि एक सोची समझी साजिश थी. बता दें कि विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर के पद पर काम करते थे. आयुषी को लगा था पिता की मौत के बाद उनकी सरकारी नौकरी उसे मिल जाएगी. लेकिन नौकरी तो मां को मिल गई.
इस बीच पुलिस ने फरार आरोपी बलराम की तलाश तेज कर दी है. वहीं, आयुषी से पूछताछ के लिए मनोवैज्ञानिकों की मदद लेने की भी तैयारी की जा रही है. हालांकि, राकेश शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस अभी जांच कर रही है. हर एक एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है.
सरकारी नौकरी के लालच में मां को कुचलवाया
जयपुर की प्रतापनगर पुलिस ने आयुषी को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर मां की सुपारी देकर हत्या करवाने का आरोप है. बेटी मां की सरकारी नौकरी हासिल करना चाहती थी और उसकी प्रॉपर्टी भी अपने नाम कराना चाहती थी. इसीलिए उसने भरतपुर के सुपारी किलर को 7 लाख रुपए देकर मां की हत्या की साजिश रच डाली.
आयुषी का भाई मेंटली डिस्टर्ब है. वह अपनी मां के बजाय ताऊ मोहन और कजिन बलराम के साथ रहती थी. वह पहले भी कई बार अपनी मां से मारपीट कर चुकी है. खबर ये भी है कि आयुषी और बलराम के बीच अवैध संबंध थे. कहा जा रहा है कि वह सिर्फ मोहरा थी. असली साजिशकर्ता ताऊ मोहन उसका बेटा बलराम है. बलराम अभी फरार है. उसकी तलाश हो रही है. मां की की मृत्यु के बाद वैसे भी प्रॉपर्टी की हकदार बेटी होती, लेकिन समय से पहले नीरज की हत्या करवा कर बलराम और ताऊ मोहन प्रॉपर्टी हड़पना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने आयुषी का माइंड डाइवर्ट किया.
आयुषी ने चचेरे भाई संग मिलकर दी मां की सुपारी
आयुषी का पहले अपनी मां नीरज के साथ रिश्ता अच्छा था. लेकिन पिता की मौत और सरकारी नौकरी हाथ से जाने के बाद वह बदल गई. नीरज प्रताप नगर इलाके में रहती थी तो वहीं आयुषी अपने ताऊ के साथ सांगानेर वाले घर पर रहती थी. आरोपी बलराम ने सुपारी किलर को ख रुपये दिए और चाची नीरज की हत्या की साजिश रच डाली. पुलिस ने सुपारी लेने वाले हेमंत, आकाश, मोहित अरविन्द और रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया है. ये सभी भरतपुर के रहने वाले हैं. बलराम और हेमंत रिश्तेदार है. आयुषी की मां को मारने के लिए बलराम ने ही हेमंत को 7 लाख रुपये दिए थे. एक महीने पहले भी हत्यारे ब्लैक कलर की थार लेकर जयपुर आए थे. वे गाड़ी से कुचल कर नीरज की हत्या करना चाहते थे, लेकिन तब ट्रैफिक होने की वजह से वे नीरज को नहीं मार सके.
जिसे हादसा माना, वो तो मर्डर निकला
3 जुलाई को नीरज अपने घर से सौ मीटर की दूरी पर जब वॉक पर निकली तब सुपारी किलर्स ने स्कॉर्पियोसे कुचलकर नीरज की हत्या कर दी. आरोपी घटना को हादसे का रूप देना चाहते थे. पुलिस भी पहले घटना को सड़क हादसा मान रही थी लेकिन आयुषी के मामा के खुलासे ने पूरे मामले को पलट दिया. पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है.

