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9 जुलाई का पंचांग: नए कार्य की शुरुआत करना उत्तम, दोपहर 12:05 से 12:58 बजे तक अभिजित मुहूर्त

डेस्क:नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है। 9 जुलाई 2026 (गुरुवार) को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10:38 बजे तक है; इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत या वाहन या संपत्ति खरीदने के लिए बहुत उत्तम माना जाता है। गुरुवार को अमृत काल सुबह 8:02 बजे पर शुरू होकर 9:34 बजे तक रहेगा। जबकि सुबह 4:15 बजे से 5:03 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा।
इस दिन सुबह 5:51 बजे सूर्योदय और शाम 7:12 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 12:35 बजे चन्द्रोदय और दोपहर 2:02 बजे चन्द्रास्त होगा।
पंचांग के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा दोपहर 2:55 बजे तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा। इसके बाद भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
वहीं, 9 जुलाई 2026 (गुरुवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। इस दिन सुबह 10:12 बजे तक सुकर्मा योग रहेगा, इसके बाद धृति योग शुरू हो जाएगा।
गुरुवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से दोपहर 12:58 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है।
वहीं, राहुकाल दोपहर 2:10 से 3:54 तक रहेगा, गुलिक काल दोपहर 08:58 से 10:42 तक के बीच रहेगा।
यमगंड काल सुबह 5:31 बजे से 7:15 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है।
वहीं, 9 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे और इसी राशि में उनकी वक्री बुध के साथ युति बनी रहेगी, जबकि चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेगा।
9 जुलाई 2026 (गुरुवार) को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर यात्रा करना आवश्यक भी है, तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए।

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