राष्ट्रीय

महाराष्ट्र: बाढ़ के पानी में बह गए 3000 एलपीजी सिलेंडर.

डेस्क: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला वीडियो सामने आया है. यहां भारी बारिश और बाढ़ के चलते पातालगंगा नदी में एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 3000 एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर बह गए हैं.

पानी के तेज बहाव में बहते ये सिलेंडर अब आस-पास के गांवों और रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रहे हैं. इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को साफ चेतावनी दी है कि वे नदी किनारे दिखने वाले किसी भी सिलेंडर को हाथ न लगाएं.

 

https://x.com/kj_srivatsan/status/2075039607608226000?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2075039607608226000%7Ctwgr%5E15f808291c7d2b65fc3c3c555ffee10e0aa44296%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F

यह पूरी घटना रायगढ़ जिले के पनवेल तालुका में स्थित एचपीसीएल (HPCL) पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की है. पिछले कुछ दिनों से इस पूरे इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही है. बारिश का पानी इस बॉटलिंग प्लांट के अंदर तक घुस गया और देखते ही देखते वहां बाढ़ जैसे हालात बन गए. पानी का बहाव इतना तेज था कि प्लांट के परिसर में रखे करीब 3000 गैस सिलेंडर, जिनमें भरे हुए और खाली दोनों तरह के सिलेंडर शामिल थे, पानी में बहकर सीधे पातालगंगा नदी में चले गए.

 

प्रशासन की सख्त चेतावनी

नदी में इतनी बड़ी तादाद में सिलेंडरों के बहने की खबर मिलते ही रायगढ़ के जिला कलेक्टर किशन जावले ने लोगों के लिए एक जरूरी अपील जारी की है. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि नदी के किनारे या बहकर आए किसी भी सिलेंडर को लोग अपने घर ले जाने की गलती बिल्कुल न करें. कलेक्टर ने सचेत किया कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि पानी में बह रहे सिलेंडरों में गैस है या नहीं, या फिर वे सुरक्षित हालत में हैं भी या नहीं. कौतूहल या लालच में आकर उन्हें उठाना या खोलने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है.

 

खतरे की घंटी

बाढ़ के पानी के दबाव और पत्थरों से टकराने के कारण इन सिलेंडरों में लीकेज या ब्लास्ट होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. अगर कोई व्यक्ति इन्हें अपने घर में इस्तेमाल करने के लिए ले जाता है, तो यह पूरे परिवार और पूरे गांव के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है. इसलिए प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह का जोखिम न उठाने और सूझबूझ से काम लेने को कहा है.

 

रेस्क्यू और रिकवरी का काम जारी

 

फिलहाल, सरकारी एजेंसियां और रेस्क्यू टीमें स्थिति का जायजा ले रही हैं. नदी के अलग-अलग हिस्सों में बहकर गए सिलेंडरों को खोजने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. इसके साथ ही नदी के पानी पर भी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह के गैस रिसाव का समय रहते पता लगाया जा सके. अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें अपने आस-पास कोई भी सिलेंडर तैरता या किनारे लगा हुआ दिखे, तो वे खुद उसे छूने के बजाय तुरंत लोकल पुलिस या कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दें.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *