दरभंगा।:अगले कुछ महीनों में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय का परिसर बिल्कुल बदला हुआ नजर आएगा। विश्वविद्यालय मुख्यालय के चिह्नित स्थलों पर तारामंडल,वेधशाला, डिजिटल लाइब्रेरी, अंतरराष्ट्रीय छात्रावास, शोधार्थियों के लिए छात्रावास, भाषा प्रयोगशाला, कैंटीन समेत भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसी कड़ी में कुलपति प्रो० लक्ष्मी निवास पाण्डेय ने पूजा पाठ के बीच गुरुवार को एनएसएस कार्यालय के समीप करीब चार करोड़ से अधिक राशि से बनने वाले प्रस्तावित भवनों की आधारशिला रखी और शिलापट्ट का भी विमोचन किया। वेधशाला के लिए आधारशिला बाद में रखी जाएगी। मौके पर कुलपति ने कहा कि वेधशाला व तारामंडल के निर्माण से खगोलीय तथा मौसम सम्बन्धी सूचनाओं को नया आयाम मिलेगा। खासकर ज्योतिष विभाग को इससे फायदे होंगे। उन्होंने कहा कि नए निर्माण से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक क्षमता बढ़ेगी। डिजिटल लाइब्रेरी के सतीत्व में आ जाने से देश दुनिया से यह विश्वविद्यालय जुड़ जाएगा और शोध कार्यो में इसका जबरदस्त फायदा होगा। उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा-2) से प्रदत्त राशि से सभी निर्माण कार्य कराए जाएंगे। शिलान्यास कार्यक्रम में विधिवत पूजा-अर्चना सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ ध्रुव मिश्र ने करायी। वहीं कुलसचिव डॉ दिनेश झा ने कहा कि विश्वविद्यालय में पहली बार शोधार्थियों के लिए भी छात्रावास की व्यवस्था की जा रही है। आधारशिला रखने के मौके पर व्याकरण विभाग के पूर्व अध्यक्ष सह कुलसचिव प्रो सुरेश्वर झा समेत विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, पीजी के सभी प्राध्यापक समेत अन्य कर्मी मौजूद रहे।

