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वायरल पॉडकास्ट क्लिप्स पर ओरी के समर्थन में उतरे नेटिज़न्स, बोले- लोगों को गुमराह करना बंद करें, पूरी बातचीत देखें

डेस्क:मुंबई सोशल मीडिया सेंसेशन ओरी हाल ही में कंटेंट क्रिएटर काव्या कर्नाटक के साथ हुए अपने पॉडकास्ट इंटरव्यू के कुछ वायरल क्लिप्स को लेकर ऑनलाइन बहस के केंद्र में आ गए हैं। ट्रांसजेंडर के साथ जेंडर-न्यूट्रल स्पेस और सार्वजनिक शौचालयों जैसे मुद्दों पर हुई इस चर्चा के कुछ छोटे-छोटे हिस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद कई लोगों ने ओरी के बयान की आलोचना की। हालांकि, जैसे-जैसे ये क्लिप्स वायरल हुए, वैसे-वैसे पूरा पॉडकास्ट देखने वाले कई दर्शक ओरी के समर्थन में सामने आए और दावा किया कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है। कई सोशल मीडिया यूज़र्स का कहना है कि ओरी की वास्तविक बात को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया।
एक यूज़र ने लिखा है, “मैंने पूरा पॉडकास्ट देखा है। ओरी ने साफ कहा था कि तीन अलग-अलग वॉशरूम होने चाहिए, एक महिलाओं के लिए, एक पुरुषों के लिए और एक जेंडर-न्यूट्रल। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई अंदर जाए तो उसे पता हो कि वह किस स्पेस में जा रहा है। उन्होंने कभी नहीं कहा कि केवल जेंडर-न्यूट्रल वॉशरूम होने चाहिए।” इसी तरह एक यूज़र ने लिखा है, “मैंने पूरा पॉडकास्ट सुना है। यह किसी भी जेंडर या समुदाय पर टिप्पणी नहीं थी। ओरी सिर्फ इतना कह रहे थे कि हर जेंडर के लिए सुरक्षित स्पेस होना चाहिए, ताकि सभी लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।” इसी के साथ एक अन्य यूज़र की टिप्पणी भी काफी चर्चा में है।
उन्होंने लिखा है, “ओरी ने कहा था कि हर जेंडर के लिए अलग-अलग स्पेस और वॉशरूम होने चाहिए। इसके जवाब में केके क्रिएट ने कहा कि केवल जेंडर-न्यूट्रल वॉशरूम होने चाहिए। इसी पर ओरी ने सवाल किया कि क्या आप अपनी बेटी को किसी पुरुष के साथ एक ही वॉशरूम शेयर करने देने में सहज होंगी? उन्होंने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि वे हर जेंडर के लिए अलग और सुरक्षित स्पेस का समर्थन करते हैं, जिसमें ट्रांसजेंडर लोगों के लिए भी अलग स्पेस शामिल है। कृपया लोगों को गुमराह करना बंद करें।” वहीं एक अन्य यूज़र ने भी लिखा कि ओरी की बात गलत नहीं थी और अलग-अलग समूहों के लिए अलग सुरक्षित स्थान बनाए जाने से इस तरह के विवादों से बचा जा सकता है।
ओरी के समर्थन में आए लोगों का यह भी कहना है कि विवाद की सबसे बड़ी वजह एडिट किए गए छोटे-छोटे वायरल क्लिप्स हैं। उनका दावा है कि वायरल रील्स में बातचीत के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को हटा दिया गया, जिससे लोगों के सामने पूरी चर्चा की अधूरी तस्वीर पहुंची। समर्थकों का कहना है कि इन क्लिप्स में केवल विवादित हिस्सों को दिखाया गया, जबकि ओरी बार-बार यह कहते नजर आए कि महिलाओं, पुरुषों और ट्रांसजेंडर समुदाय सहित सभी के लिए अलग और सुरक्षित स्पेस होने चाहिए। उनके अनुसार, पूरा पॉडकास्ट देखने पर ही ओरी की बात का वास्तविक संदर्भ समझ में आता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले छोटे-छोटे वीडियो किस तरह लोगों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे दौर में, जहां कुछ सेकंड की क्लिप घंटों लंबी बातचीत से कहीं अधिक तेजी से फैल जाती है, कई लोगों का मानना है कि गंभीर और संवेदनशील विषयों पर होने वाली चर्चाओं का वास्तविक संदर्भ अक्सर खो जाता है। ओरी के समर्थकों का कहना है कि इस मामले में भी यही हुआ और उनके पूरे संदेश की बजाय चुनिंदा वायरल क्लिप्स ने लोगों के बीच अलग धारणा बना दी।

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