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कराची में रेंजर्स कैंप पर आतंकी हमला, बौखलाए पाक ने भारत पर मढ़ा दोष

डेस्क: पाकिस्तान के कराची शहर में सिंध रेंजर्स के एक कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा ISPR ने इस हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि, भारत की ओर से इस आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. ISPR के मुताबिक, 27 जून की रात कराची स्थित पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के कैंप के मुख्य द्वार पर विस्फोट किया गया.
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इसके बाद हमलावरों ने कैंप की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तीन हमलावरों को मार गिराया और एक घायल हमलावर को गिरफ्तार कर लिया. पाकिस्तानी सेना का दावा है कि गिरफ्तार किया गया हमलावर अफगान नागरिक है. मुठभेड़ के दौरान तीन पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं.

ISPR ने अपने बयान में कहा कि हमलावर प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार से जुड़े थे, जिसे पाकिस्तान ने ‘भारतीय समर्थित संगठन’ बताया है. पाकिस्तान ने कहा है कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की जाएगी.
जमात-उल-अहरार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का एक अलग गुट माना जाता है, जो अतीत में लाहौर और अन्य शहरों में बड़े बम धमाकों के लिए जिम्मेदार रहा है. संगठन का नेतृत्व उमर खोरासानी के हाथों में माना जाता है. हमले के बाद पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हवाई और ड्रोन अभियानों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है.
साथ ही नियंत्रण रेखा (LoC) पर भी गतिविधियां बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है. हालांकि, पाकिस्तान के कुछ विश्लेषकों ने इस हमले को ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ भी बताया जा रहा है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. पाकिस्तान के सेना प्रमुख और सैन्य नेतृत्व ने मारे गए सैनिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और देश में आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रखने का संकल्प दोहराया है.

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