मुंबई: पिछले चार वर्षों में दो बड़ी राजनीतिक बगावतों का सामना कर चुकी शिवसेना (उद्धव गुट) अब नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। पार्टी सांसद संजय राउत ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में आदित्य ठाकरे संगठन की बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
संजय राउत ने कहा कि लंबे समय से वरिष्ठ नेता पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि युवा नेतृत्व आगे आए। उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे पहले से ही सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और आने वाले समय में उन्हें औपचारिक रूप से बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। राउत ने कहा कि उनमें नेतृत्व की पूरी क्षमता है।
राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले भी एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा था। लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों के बीच पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने और नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अलग-अलग राय रही है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि कुछ नेताओं ने आदित्य ठाकरे को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने पर आपत्ति जताई थी।
इस बीच संजय राउत ने बागी नेताओं पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता और निजी हितों के लिए पार्टी छोड़ी है। उनका कहना था कि वैचारिक संघर्ष करने वालों को ही वास्तविक अर्थों में बागी कहा जा सकता है।
महाराष्ट्र की राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में क्या बदलाव करते हैं और आदित्य ठाकरे को भविष्य में कौन-सी भूमिका सौंपी जाती है।
आशुतोष झा

