मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल के आरएसएस की प्रशंसा वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी आईपीएस अधिकारी को सार्वजनिक रूप से आरएसएस या किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन करना है, तो पहले सरकारी सेवा से इस्तीफा देना चाहिए।
राज ठाकरे ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी की निष्ठा केवल संविधान, कानून और पुलिस सेवा के प्रति होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी पद पर रहते हुए किसी संगठन के पक्ष में सार्वजनिक मंच से बोलना निष्पक्षता की भावना के विपरीत है।
मनसे प्रमुख ने सवाल उठाया कि क्या सरकार ऐसे मामलों में दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी पूछा कि क्या भविष्य में अन्य अधिकारी भी किसी संगठन के मंच से इसी तरह विचार रखेंगे तो सरकार का रुख यही रहेगा।
वहीं, कांग्रेस ने भी विश्वास नांगरे पाटिल के भाषण की जांच की मांग करते हुए उनकी निष्पक्षता और सेवा नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं। मामला अब महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस का विषय बन गया है।
आशुतोष झा

