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वकालतखाना भवन में मनाया गया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस

दरभंगा। राष्ट्रवादी चिंतक, प्रख्यात बैरिस्टर, भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर मंगलवार को दरभंगा के वकालतखाना भवन में बलिदान दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिवक्ता शंभूनाथ प्रसाद की अध्यक्षता तथा भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक अमरनाथ झा के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ताओं, भाजपा नेताओं एवं समाजसेवियों ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट मत था एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान की व्यवस्था स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी ‘मन्ना’ ने कहा वकालतखाना भवन में अधिवक्ताओं द्वारा अपने प्रेरणास्रोत बैरिस्टर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करना गौरव की बात है। देश के प्रथम उद्योग मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने औद्योगिक विकास की मजबूत नींव रखी। चित्रंजन लोकोमोटिव वर्क्स और सिंदरी फर्टिलाइजर जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक संस्थानों की स्थापना में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। अधिवक्ता अमरनाथ झा ने कहा संविधान से धारा 370 हटाए जाने के बाद डॉ. मुखर्जी का सपना साकार हुआ है। भले ही वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और कार्य सदैव जीवंत रहेंगे। अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने उनके जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी का परिवार शिक्षा और न्यायिक क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखता था। कार्यक्रम को राम उदित झा, राम सुखित चौधरी, अमर प्रकाश, सुरेंद्र चौधरी, शिवेंद्र कुमार, अमरेंद्र चौधरी, सुजीत मल्लिक, बालेन्दु झा, एजीपी गौरी शंकर चौधरी, अनीता आनंद, चंदा वर्मा, जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार झा और संजय झा सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। अंत में सभी ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।

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