दोनार, दरभंगा के श्रवण कुमार बैरोलिया एवं कुसुम बरौलिया के सुपुत्र हैं 
दरभंगा के युवा पार्श्व गायक साकेत बैरोलिया पिछले कई वर्षों से हिन्दी तथा विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों में अपनी मधुर आवाज़ का जादू बिखेरते आ रहे हैं। अपनी प्रतिभा, अथक परिश्रम और संगीत के प्रति अटूट समर्पण के बल पर उन्होंने मुंबई की फिल्मी दुनिया में एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
दरभंगा, बिहार की पावन धरती से निकलकर बॉलीवुड तक का उनका यह प्रेरणादायक सफर आज अनेक युवाओं के लिए मिसाल बन चुका है। अपनी गायकी के दम पर साकेत ने न केवल मनोरंजन जगत में अपनी अलग छाप छोड़ी है, बल्कि दरभंगा, बिहार का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। ज्ञातव्य है कि व्यवसायी श्रवण कुमार बैरोलिया तथा कुसुम बैरोलिया के सुपुत्र हैं जो मूलतः दोनार, दरभंगा के निवासी हैं। साकेत की माता कुसुम बैरोलिया भी यूनेस्को क्लब आदि के कार्यक्रमों में मधुर आवाज में गायन करती रही हैं।
इससे पहले साकेत बैरोलिया ‘सरकार 3’, ‘फुकरे’, ‘ऑपरेशन फ्राइडे’, ‘मिथिला मखान’, ‘टैगोर स्टोरीज़’ तथा ‘रम पम पोश’ जैसी चर्चित फिल्मों में भी अपनी आवाज़ दे चुके हैं। उनकी बहुमुखी गायकी और संगीत के प्रति समर्पण ने उन्हें फिल्म जगत में एक विश्वसनीय और सम्मानित पार्श्व गायक के रूप में स्थापित किया है। 
हाल ही में साकेत बैरोलिया ने बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म “Welcome To The Jungle” के गीत ‘ओ मेरे बलम…’ को अपनी सुरीली आवाज़ दी है। इस गीत की झलक फिल्म के ट्रेलर में भी सुनाई दी, जिसे दर्शकों और संगीत प्रेमियों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। उनकी मधुर गायकी ने ट्रेलर को एक अलग ही आकर्षण प्रदान किया है।
साकेत की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से उनके प्रशंसकों में खुशी और उत्साह का माहौल है। वहीं, पूरे मिथिलांचल सहित बिहार के लिए भी यह गर्व का विषय है कि दरभंगा का यह प्रतिभाशाली बेटा अपनी आवाज़ के माध्यम से बॉलीवुड में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। साकेत को हार्दिक बधाई एवं शुभकामना देने वालों में डॉ आर एन चौरसिया, डॉ अंजू कुमारी, उनके निकट संबंधी, पड़ोसी, परिचित एवं मित्रगण शामिल हैं।

