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अमरेंद्र नारायण झा ने लोक अभियोजक पद पर योगदान की तिथि से 10 जून तक महज एक वर्ष में सत्र न्यायालयों में सैकड़ों गंभीर प्रकृति के लंबित वादों में त्वरित न्याय निर्णय कराने में सफल रहे

दरभंगा। दरभंगा न्यायमंडल में अमरेंद्र नारायण झा ने लोक अभियोजक पद पर योगदान की तिथि से 10 जून तक महज एक वर्ष के कार्यकाल में सत्र न्यायालयों में सैकड़ों गंभीर प्रकृति के लंबित वादों में त्वरित न्याय निर्णय कराने में सफल रहे हैं।पीपी श्री झा ने वार्षिक लक्ष्य निर्धारित कर हत्या समेत अति पुराने गंभीर मामलों को चिन्हित कर अभियोजन पक्ष से न्यायालयों में मुस्तैदी से गवाहों की गवाही एवं अन्य आवश्यक कार्य के प्रति संजीदगी से प्राथमिकता तय कर न्याय निर्णय का मार्ग प्रशस्त कराया।इस कार्य में न केवल स्वंय, अपितू अपर लोक अभियोजकों का टीम गठित कर कुशल निर्देशन प्रदान किया।इसका सकारात्मक परिणाम दिखा और अति गंभीर32 पुराने सत्रवादों में न्याय निर्णय कराकर न्याय की बाट जोह रहे न्याय अतिथियों को अदालत से न्याय दिलाया। 20 वर्षों से अधिक समय से लंबित सत्रवादों में विभिन्न न्यायालयों द्वारा 32 पुराने सत्रवादों में से हत्याकांड के 13 सत्रवादों में कूल 42 हत्याभियुक्तों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा हुई। 10 सत्रवादों में जूर्मियों को सजा तथा पीड़ित न्याय अतिथियों को न्याय दिलाकर न्यायालय के प्रति अपराधियों में खौफ ,तथा पीड़ितों को न्यायालय के प्रति आस्था को जीवन्त किया।इसके अतिरिक्त अपराधियों में कानून का खौंफ बनी रहे। अपराध करने से डरे,इसके लिए 10 जून 25 से 10 जून 26 तक सत्र अदालतों में नियमित जमानत आवेदन की सूनवाई के दौरान कूल 378 मामलों में 421 अभियुक्तों का जमानत विभिन्न अदालतों द्वारा खारिज की गई। गंभीर अपराध के 392 मामले में कूल 673 आरोपियों का न्यायालय से अग्रिम जमानत आवेदन खारिज कराने में अभियोजन पक्ष सफल रहा। पीपी श्री झा ने एक भेंट में प्रेस को बताया जिले के अपराधियों में कानून का खौफ कायम रहे,तथा हिंसा के शिकार पीड़ितों को सत्र अदालतों से त्वरित और समयवद्ध न्याय मिले इसकी अग्रिम रुपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए पुराने एवं गंभीर प्रकृति के 50 सत्रवादों को चिन्हित किया गया है। जिसका स्पीडी ट्रायल के तहत बिचारण के लिए न्यायालयों से अनुरोध किया जा रहा है। मुकदमे के बिचारण के लिए ससमय गवाहों की गवाही के लिए न्यायालयों में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए प्रशासनिक सहयोग पाने के लिए सम्यक पहल की गई है। पीपी श्री झा ने आगे कहा अभियोजन टीम का आगामी अन्य रुटीन कार्यों के अलावे, पुराने और गंभीर 50 सत्रवादों में त्वरित न्याय निर्णय सुनिश्चित कराना है।ताकि संविधान की भावनाओं को मूर्त रुप दिया जा सके। जिससे समान और सबको न्याय की अवधारणा साकार हो सके।

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