डेस्क: दुनिया(world) इस समय एक साथ कई बड़े भू राजनीतिक संकटों का सामना कर रही है। एक ओर मध्य पूर्वत्र(Middle East)में इजरायल और ईरान(Israel and Iran) के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है तो दूसरी ओर रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने वैश्विक सुरक्षा को नई चुनौती दी है। ऐसे माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(US President Donald Trump) ने व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से अलग अलग बंद कमरे में मुलाकात कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इन बैठकों को अमेरिका की भविष्य की रणनीति तय करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार दोनों बैठकें पूरी तरह बंद कमरे में हुईं और उनकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। हालांकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इन्हें सकारात्मक और रचनात्मक बताया। माना जा रहा है कि इन चर्चाओं में अमेरिका की सुरक्षा नीति सहयोगी देशों के साथ रणनीतिक तालमेल और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से विचार किया गया।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बैठक में ईरान सबसे प्रमुख मुद्दा रहा। हाल के महीनों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर अमेरिका और इजरायल लगातार चिंतित रहे हैं। बैठक से पहले ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक बयान में कहा था कि उन्हें इजरायल की ओर से किसी विशेष ब्रीफिंग की आवश्यकता नहीं है और उन्होंने संकेत दिया था कि नेतन्याहू चाहते हैं कि अमेरिका इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभाता रहे। हालांकि बाद में ओवल ऑफिस से जारी तस्वीरों में दोनों नेता बेहद सकारात्मक माहौल में नजर आए। बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार इस दौरान लेबनान सीमा पर बढ़ते तनाव हिज्बुल्लाह की गतिविधियों और अब्राहम समझौते के भविष्य जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इन मुद्दों को मध्य पूर्व की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ हुई बैठक का मुख्य फोकस रूस के खिलाफ जारी युद्ध और यूक्रेन की रक्षा जरूरतें रहीं। जेलेंस्की ने ट्रंप के साथ हुई बातचीत को रचनात्मक बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। खास तौर पर पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के लाइसेंस और एयर डिफेंस सहयोग को लेकर विचार विमर्श हुआ। रूस की ओर से लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यूक्रेन इन रक्षा प्रणालियों को अपनी सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानता है।
बैठक में ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और रूस के साथ संभावित शांति प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। इसके बाद जेलेंस्की अमेरिकी सांसदों से मुलाकात के लिए कैपिटल हिल पहुंचे जहां यूक्रेन को भविष्य में सैन्य सहायता जारी रखने पर भी विचार किया गया।
इन बैठकों से पहले ट्रंप नेतन्याहू और जेलेंस्की ने दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार में भी हिस्सा लिया। ग्राहम अमेरिका में इजरायल और यूक्रेन दोनों के प्रबल समर्थक माने जाते थे और उनकी विदेश नीति पर गहरी पकड़ थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में जब दुनिया कई मोर्चों पर अस्थिरता का सामना कर रही है तब ट्रंप की ये कूटनीतिक बैठकें आने वाले दिनों में अमेरिका की विदेश नीति और वैश्विक शक्ति संतुलन को नई दिशा दे सकती हैं। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि इन अहम बैठकों के बाद अमेरिका कौन से रणनीतिक फैसले लेता है।

