डेस्क:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पूरी दुनिया पश्चिम एशिया संकट, समुद्री व्यापार मार्गों पर हमलों, ऊर्जा संकट और वैश्विक शक्ति संतुलन के नए दौर से गुजर रही है। साथ ही फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होने वाली मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह मुलाकात केवल दो नेताओं की सामान्य बातचीत नहीं होगी, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों में उभरे नए तनाव, व्यापार समझौते, हिंद महासागर और पश्चिम एशिया की सुरक्षा तथा चीन के बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों पर निर्णायक विमर्श का मंच बनेगी। खास बात यह है कि ट्रंप से मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब ओमान तट के पास भारतीय जहाजों पर हमला हुआ है और कई भारतीय नागरिक समुद्री हमलों का शिकार बने हैं।

