सत्र नियमित करने के लिए संस्कृत विश्वविद्यालय की विशेष पहल
दरभंगा। सत्र नियमित करने के लिए ग्रीष्मावकाश के दौरान संस्कृत विश्वविद्यालय ने छात्र हित मे विशेष पहल की है। इसके लिए कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय ने विस्तृत रोडमैप तैयार कर अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो पुरेन्द्र वारिक को इसे लागू कराने कहा है। इसी आलोक में प्रो वारिक ने सभी अंगीभूत, वित्त सहित व वित्त रहित सम्बद्धता प्राप्त शास्त्री महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ -साथ स्नातकोत्तर विभाग के अध्यक्षों को गर्मी छुट्टी में भी ऑनलाईन कक्षाओं का संचालन करने के लिए पत्र लिखा है। उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि समर्थ पोर्टल के जरिये कार्यों को निपटाने तथा सत्र नियमितीकरण के लिए माननीय कुलाधिपति द्वारा हाल ही में दिये गए निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय एक्शन मोड में है। डीन प्रो वारिक द्वारा प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया गया है कि
शास्त्री एवं आचार्य कक्षाओं के विभिन्न सेमेस्टर की परीक्षाएँ 16 मई 2026 को सम्पन्न हो रही हैं। आगे के सेमेस्टर के लिए वर्गारम्भ सप्ताहाभ्यन्तर शैक्षणिक पंचांग में पूर्व से ही वर्णित है। इसलिए शैक्षिक सत्र को नियमित करने की दृष्टि से शास्त्री प्रथम सेमेस्टर (2025-29), शास्त्री द्वितीय सेमेस्टर (2024-28), शास्त्री चतुर्थ सेमेस्टर (2023-27) तथा आचार्य प्रथम सेमेस्टर (2025-27) एवं आचार्य द्वितीय सेमेस्टर (2023-25) के छात्रों को अग्रिम सेमेस्टर में नामांकन कर 18 मई 2026 से वर्गारम्भ करना चाहेंगे। कहा गया है कि ग्रीष्मावकाश में भी छात्रों की ऑनलाइन कक्षा संचालित करवाकर पाठ्यक्रम पूरा करवाना चाहेंगे, ताकि निर्धारित समय के अन्दर इन छात्रों की परीक्षा ली जा सके। प्रो वारिक ने छात्रों से भी ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ने तथा इससे शैक्षणिक लाभ उठाने की अपील की है।

