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बंगाल जीत के बाद BJP पर TMC ने लगाए आरोप, कहा- भाजपा कार्यकर्ता हिंसा पर हुए उतारू

डेस्क: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) को परिणामों के बाद आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है। टीएमसी (TMC) की तरफ से भाजपा कार्यकर्ताओं (BJP workers) के ऊपर हिंसा (violence) करने का आरोप लगाया गया है। राज्य में सत्ता गंवाने वाली पार्टी ने दावा किया है कि जीत के संकेत मिलने के बाद से ही भाजपा कार्यकर्ता लगाता हिंसा पर उतारू हैं। उन्होंने पार्टी कार्यालयों, कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों के ऊपर हमला किया है।
बता दें, कल मतगणना के दौरान पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों मुर्शिदाबाद, बैरकपुर, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और सिलीगुड़ी सहित कई जिलों में राजनीतिक झड़पों और तोड़फोड़ की खबरें आई थीं। टीएमसी ने आरोप लगाया कि राज्य के उदय नारायण पुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके उम्मीदवार समीर पांजा को निशाना बनाया है। पार्टी ने कहा, “विधानसभा चुनाव में जीत के संकेत मिलने के बाद ही कई टीएमसी कार्यालयों के फ्लैक्स बोर्ड्स, बैनर और झंडो को फाड़ दिया गया। यह लोकतंत्र नहीं, सरासर गुंडागर्दी है।”
तृणमूल कांग्रेस ने मुर्शिदाबाद के बहरामपुर से एक वीडियो पोस्ट करते हुए भाजपा के ऊपर हिंसा का आरोप लगाया। पार्टी ने एक्स पर लिखा, “भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में आते ही अपने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उनके गुंडों ने मुर्शिदाबाद के बहरामपुर में टीएमसी कार्यालय पर हिंसक हमला किया। हिंसा और तोड़फोड़ यही भाजपा का असली चेहरा है।

इसके अलावा दक्षिण 24 परगना में भी टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीएमसी कार्यालय पर पहुंचकर तोड़फोड़ की। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की तस्वीर को भी जमीन पर फेंक दिया।
इसके अलावा भी राज्य के अन्य इलाकों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के ऊपर हिंसा का आरोप लगाया। हिंसा के यह आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं, जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल की सत्ता पर रणनीतिक जीत हासिल की है। ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को मिट्टी में मिलाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने राजनीतिक पूर्वज श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती पर कमल खिलाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर शाम भाजपा कार्यालय में इसका जिक्र किया।

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