डेस्क: अफगानिस्तान में इस समय बहुत कुछ हो रहा है. एक तरफ तालिबान ने पाकिस्तानी सीमी पर तैनाती बढ़ा दी है तो वहीं तालिबान अपने ही सुप्रीम लीडर के बयानों से नाराज चल रहा है. अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच अप्रैल के अंतिम सप्ताह में तनाव देखा गया था. अब इसी बीच तालिबान ने पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों स्पिन बोल्डक, शोराबक और रेगिस्तान में सैकड़ों लड़ाके और दर्जनों सैन्य वाहन तैनात कर दिए हैं. यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में पाकिस्तान की ओर से इन इलाकों पर हमले किए गए थे. अफगानिस्तान इंटरनेशन ने सूत्रों के अनुसार बताया कि तालिबान ने इन सीमावर्ती जिलों में नए चेकपोस्ट भी बना दिए हैं और वहां भारी संख्या में लड़ाकों को तैनात किया गया है. बताया जा रहा है कि ये सभी लड़ाके उन हजारों सैनिकों का हिस्सा हैं जिन्हें अप्रैल में दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी प्रांतों से कंधार बुलाया गया था. वहीं हाल ही में अफगानिस्तान में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने कहा था कि उनका मानना अल्लाह और पैगंबर का आदेश मानने जैसा है, जिससे तालिबान के लोग ही भड़के हुए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से स्पिन बोल्डक और कुनार प्रांत में किए गए हमलों के बाद तालिबान ने अपनी रणनीति बदली है. इससे पहले भी मार्च के अंत में यह खबर आई थी कि पाकिस्तान के हवाई हमलों के बाद तालिबान ने अलग-अलग प्रांतों से अपने लड़ाकों को कंधार में इकट्ठा करना शुरू कर दिया था. हेरात, फराह, निमरोज और उरुजगान जैसे प्रांतों से करीब 1,000-1,000 सैनिक बुलाए गए थे. शुरुआती तौर पर इनकी तैनाती कंधार की सुरक्षा के लिए बताई गई थी, लेकिन अब इनमें से ज्यादातर को सीमा क्षेत्रों में भेज दिया गया है. हाल के हफ्तों में पाकिस्तान की ओर से मोर्टार दागे गए थे, जिसके जवाब में तालिबान ने भी जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान इलाके में घंटों तक गोलियों की आवाज सुनाई देती रही. हालांकि हताहतों की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है.
अफगानिस्तान में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा के हालिया बयान ने संगठन के भीतर ही विवाद खड़ा कर दिया है. उनके ‘बिना शर्त आदेश मानने’ वाले बयान के बाद अब तालिबान के कुछ सदस्यों ने खुलकर नाराजगी जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक, कई सदस्यों का कहना है कि अखुंदजादा खुद को ‘पैगंबर जैसी स्थिति’ में रख रहे हैं, जो संगठन के भीतर असहजता पैदा कर रहा है. कंधार में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक में अखुंदजादा ने कहा कि उनके आदेशों का पालन करना ‘अल्लाह और पैगंबर की आज्ञा मानने जैसा’ है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जो भी उनके आदेशों की अवहेलना करेगा, उसे ‘सबसे कड़ी सजा’ दी जाएगी.

