प्रादेशिक
मैथिली अकादमी : सरकारी उदासीनता और संस्थागत पतन (निशांत झा)
संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल मैथिली भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थापित मैथिली अकादमी, पटना आज स्वयं सरकारी उदासीनता का शिकार बन चुकी है। जिस संस्था को भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र होना चाहिए था, वहां आज ताला लटका हुआ है। यह दृश्य केवल प्रशासनिक विफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि […]









