अंतरराष्ट्रीय प्रादेशिक

भारत विरोधी उस्मान की हत्या पर ट्रंप ने जो किया, मोदी भी हैरान!

बांग्लादेश के छात्र नेता शरीफ उस्मानहादी की मौत के बाद एक बार फिर से पूरे देश में हिंसा भड़क उठी है। बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में आगजनी, लूटपाट और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही है।कट्टरपंथियों की भीड़ ने मीडिया दफ्तरों, हसीना समर्थक नेता और हिंदुओं के घरों को फूंकना शुरू कर दिया है। भारतीय प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया जा रहा है। चटगांव में भारतीय उच्च आयोग पर पत्थरबाजी और बोतलें फेंकी गई। भारत विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं। यह नहीं बल्कि इसी बीच एक दीपपू चंद्र नाम के हिंदू युवक को भीड़ ने पहलेतो जमकर पीटा फिर उसे पेड़ से लटका कर जिंदा जला दिया। बांग्लादेश में भड़की हिंसा उस्मानहादी की हत्या के जवाब में हो रही है।

उस्मानहादी वही जिहादी था जिसने जुलाई अगस्त में पाकिस्तान के इशारों पर शेख हसीना के खिलाफ छात्र आंदोलन खड़ा किया था। इसने ही इंकलाब मंच नाम का एक संगठन खड़ा किया था। जिसने शेख हसीना सरकार का तख्ता पलट करा आया और कई हिंदुओं का खून बहाया। यह वही उस्मानहादी था जिसकी ग्रेटर बांग्लादेश का नक्शा तैयार करने में बड़ी भूमिका थी। वो नक्शा जिसमें भारत के हिस्से को बांग्लादेश में दिखाया गया था। इसीलिए अब उसकी हत्या कोलेकर कट्टरपंथी भड़के हुए हैं। दंगाई भीड़ के साथ ही यूनुस यह दावा कर रहा है कि हादी की हत्या करके हमलावर भारत भाग गए हैं। लेकिन अभी तक ना तो मोहम्मद यूनुस की सरकार ने और ना ही आरोप लगाने वाले दूसरे जिहादियों ने इन दावों को सही साबित करने के लिए कोई भी पुख्ता सबूत पेश नहीं किया है।

भारत ने बांग्लादेश के नेताओं की तरफ से लगाए जा रहे इन सभी फर्जी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को तख्तापलट कराने वाले उस्मानहादी की हत्या के बाद अमेरिका ने जो किया है वो भारतीयों का खून खोला देगा। दरअसल कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले हिंदू युवक को जिस तरह से कट्टरपंथियों की भीड़ ने जिंदा जलाकर मारा उस पर अमेरिका या ट्रंप की ओर से इन जिहादियों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं निकला और ना ही इस खौफनाक हत्या की निंदा की गई। लेकिन अब जब भारत विरोधी और हसीना विरोधी की हत्या हो गई है तो अमेरिका उसके लिए आंसू बहाने आ गया है।

दरअसल हादी की मौत पर अमेरिका के दूतावास ने उसके परिवार और समर्थकों से दुख जताया। साथ ही अमेरिका के दूतावास की ओर से हादी के जनाजे में शामिल होने की भी बात कही गई है। अब आप समझ सकते हैं कि अमेरिका किस तरह से बांग्लादेश में अपना दोहरा चरित्र दिखा रहा है। । एक हिंदू युवक को मुस्लिम भीड़ जिंदा जलाकर मार देती है। उस पर अमेरिका कुछ नहीं बोलता और एक जिहादी के लिए किस तरह हमदर्दी दिखाई जा रही है।

 

 

 

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