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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

ककुवा ने आजादी के अमृत महोत्सव की चर्चा करते हुए कहा- अपन देस आजादी का अमृत महोत्सव मनाय रहा हय। इ अमरत्व केरे महोत्सव मा देस अपन इतिहास, अपन संघर्ष अउ अपनी उपलब्धियन का याद कय रहा हय। इ महोत्सव मा देस का आजाद करावै वाले स्वतंत्रता सेनानिन का याद कीन जाय रहा हय। इमा […]

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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

ककुवा ने भारी बारिश, तेज आंधी और जल भराव की चर्चा करते हुए कहा- चारिन दिन मा सब पानी-पानी होय गवा। जोरदार आँधी ते पूरा उत्तर भारत हिल गवा। लोगन का कयू घण्टा बिन बिजुली क रहय का परा। तमाम जगह तौ बहिया केरी स्थिति बनि गवै। शहर के शहर पानी मा डूबि गये। गांवन […]

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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

चतुरी चाचा ने विश्व में बढ़ रहे आतंकवाद और धार्मिक कट्टरता की बात करते हुए कहा- अफगानिस्तान पय तालिबान जैइस बर्बर आतंकवादी संगठन केरा कब्जा होय गवा। पूरा संसार देखतय रहि गवा। देखा जाय तौ कयू साल ते मानवता प आतंकवाद केर ग्रहन लगा हय। मुला, विश्व समुदाय अबहिंयू एकजुट नाय होय पा रहा। आतंकवादिन […]

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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

ककुवा ने दक्षिण भारत में कोरोना महामारी और उत्तर प्रदेश में विचित्र बुखार से हो रही मौतों पर चिंता प्रकट करते हुए कहा- पता नाइ कब देस अउ परदेस मा अच्छे दिन अइहैं। दुई साल ते कोरउना महाब्याधि तांडव कय रही हय। दक्षिण भारत मा दुसरकी लहर केर परकोप चलि रहा। सैकडों लोग बेमौत मरि […]

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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

चतुरी चाचा ने आतंकवाद की चर्चा करते हुए कहा- विश्व समुदाय का आतंकवाद केरे विरोध मा एकजुट होय क परी। समूचे शक्तिशाली देसन का आपसी मतभेद भूलि कय आतंकवाद पय प्रहार करय क चही। तालिबानी, हक्कानी, आईएसआईएस, अलकायदा, जैश-ए-मोहम्मद सहित सारे आतंकवादी संगठन मानवता केरे दुश्मन हयँ। मुस्लिम आतंकवादी समूची दुनिया क क़त्लगाह बनावे पय […]

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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

हकुवा ने क्रूर आतंकवादी संगठन तालिबान द्वारा पड़ोसी देश अफगानिस्तान पर कब्जा कर लेने की चर्चा करते हुए कहा- तालिबान क लैके समूची दुनिया चिंता करय। काहे ते तालिबान जइस आतंकी संगठनन केरा बढ़ब ठीक नाय। तालिबान दुई दशक बादि फिरि अफगानिस्तान मा नँगा नाच कय रहा। तालिबान केरे सत्ता म आवे क बादि कयू […]

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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

चतुरी चाचा ने 75वें स्वतंत्रता दिवस की चर्चा करते हुए कहा- बताव देस का आजाद भये पिचहतर साल होय गये। मुला, देस केरे नेतन का सदन चलाऊब न आवा। सगरे नेता सदन मा कुत्ता-बिल्लिन तिना जूझत हयँ। लोकसभा अउ राज्यसभा मा खाली हंगामा होत हय। जनता केरी कौनिव बाति नाय होत। विपक्षी नेता अबसिला सदन […]

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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

ककुवा ने किसान आंदोलन के नाम पर हो रही राजनीति की चर्चा करते हुए कहा- सगरे देस कय किसान अपनी खेती मा बाझा हय। कोऊ का सांस लेय क फुर्सत नाइ हय। ई कहाँ क किसान आयँ, जाउनु दिल्ली बार्डर पय कयू महीना ते बैइठ हयँ। किसानी का पंजाब, हरियाणा अउ पच्छमी यूपी मा ही […]

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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

चतुरी चाचा ने संसद में कई दिनों से चल रहे हंगामे की चर्चा करते हुए कहा- सगरे विपक्षी सांसद पेगासस जासूसी कांड को लेकर हलकान हैं। जिस संसद में इस वक्त कोरोना महामारी, टीकाकरण, बाढ़, महंगाई, बेरोजगारी व अन्य राष्ट्र हित के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी उस संसद में पिछले कई दिनों से […]

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हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

आज चतुरी चाचा अपने प्रपंच चबूतरे पर बड़े व्यथित मन से विराजे थे। चतुरी चाचा के साथ ककुवा, बड़के दद्दा, कासिम चचा व मुन्शीजी भी गमगीन मुद्रा में बैठे थे। मैं भी चुपचाप एक कुर्सी पर बैठ गया। प्रपंच चबूतरे पर काफी देर खमोशी छाई रही। अंततः चतुरी चाचा चुप्पी तोड़ते हुए बोले- कुछ शहरों […]