अंतरराष्ट्रीय

सोना तस्करी केस: HC से झटका, फिर भी रिहा हुईं अभिनेत्री रान्या राव, जानिए कैसे मिला बाहर आने का रास्ता

डेस्क: चर्चित सोना तस्करी (gold smuggling case) मामले में करीब एक साल से जेल में बंद कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव (Ranya Rao) को आखिरकार राहत मिल गई है। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत (Bengaluru court) ने उन्हें जमानत दे दी, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया। खास बात यह है कि इससे पहले कर्नाटक उच्च न्यायालय उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर चुका था।

क्या है पूरा मामला?

रान्या राव को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 2 मार्च 2025 को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पकड़ा था। उन पर दुबई से सोने की तस्करी करने का आरोप है। जांच में उनके पास से 14.213 किलोग्राम सोना बरामद हुआ था, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई। बाद में उनके घर से नकदी और आभूषण भी मिले।

बड़ा नेटवर्क, कई गिरफ्तारियां

इस मामले में तरुण कोंडुर राजू और साहिल सरकारिया को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह गिरोह 2024-25 के दौरान 100 किलो से ज्यादा सोने की तस्करी में शामिल था।

पहले भी मिली थी ‘डिफॉल्ट बेल’

रिपोर्ट्स के अनुसार, रान्या राव और एक अन्य आरोपी को मई 2025 में ‘डिफॉल्ट बेल’ मिल गई थी, क्योंकि जांच एजेंसी तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई थी।

फिर भी जेल में क्यों रहीं?

असल में, उनके खिलाफ COFEPOSA Act 1974 (विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी निवारण अधिनियम) के तहत निवारक हिरासत लगाई गई थी। इस कानून के तहत आरोपी को बिना ट्रायल के भी एक तय अवधि तक हिरासत में रखा जा सकता है।

एक साल पूरा होते ही खुला रास्ता

यह निवारक हिरासत अवधि 22 अप्रैल को पूरी हो गई। इसके बाद विशेष आर्थिक अपराध अदालत के जज विश्वनाथ गौडर ने उन्हें जमानत दे दी, जिससे उनकी रिहाई संभव हो सकी।

HC ने क्यों खारिज की थी याचिका?

दिसंबर 2025 में रान्या राव की मां एचपी रोहिणी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर COFEPOSA के तहत हिरासत को चुनौती दी थी, लेकिन कर्नाटक उच्च न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया था।
इस तरह, हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बावजूद कानूनन तय एक साल की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद रान्या राव को जमानत मिल सकी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *