डेस्क। ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता फेल होने के बाद तेहरान का तीखा बयान सामने आया है। जिमबाब्बे में ईरान के दूतावास ने कहा, “इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ही हमने कह दिया था ‘जीरो ट्रस्ट’, आगे जो होगा देख लेंगे।” जाहिर है ईरान अमेरिका के आगे बिल्कुल भी सरेंडर करने को तैयार नहीं है। ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रमों से भी पीछे हटने से इनकार कर दिया।
वहीं अमेरिका की जिद थी की ईरान अपने परमाणु कार्यक्रमों को पूरी तरह बंद करे और स्ट्रेट ऑफ होर्मजु से जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुरक्षित करे, लेकिन ईरान का कहना था कि होर्मुज तभी खुल सकता है, जब उसे परमाणु कार्यक्रम जारी रखने दिया जाए, उसकी सीज संपत्तियों को अमेरिका रिलीज करे और लेबनान पर इजरायली हमला बंद हो। मगर अमेरिका ने ईरान की इन शर्तों को नाजायज बताया और वार्ता फेल हो गई।
ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ शांति वार्ता शुरू होने से पहले ही कहा था कि हम भारी अविश्वास के साथ इस युद्ध विराम वार्ता में शामिल हो रहे हैं, क्योंकि वाशिंगटन भरोसे के लायक नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि अमेरिका ने इससे पहले भी कई बार भरोसा तोड़ा है। वह किसी भी समझौते पर कायम नहीं रहता। अराघची का कहना है कि अमेरिका हमेशा वार्ता में कूटनीति और रणनीति अपनाता है और खुद ही समझौते को तोड़ता है। इसलिए उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अब ईरान के दूतावास ने पोस्ट में लिखा है, “इस्लामाबाद आने से पहले ही हमने स्पष्ट कर दिया था: “बिल्कुल भी भरोसा नहीं”। हम आगे आने वाली हर चुनौती के लिए तैयार हैं!

