डेस्क:नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा देने से पहले ही उनका सामान उनके आधिकारिक आवास से स्थानांतरित किया जा रहा है। यह घटनाक्रम जेडीयू सुप्रीमो द्वारा राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के ठीक एक दिन बाद सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, कुमार का सामान पटना के 1 अणे मार्ग स्थित आधिकारिक मुख्यमंत्री आवास से शहर के 7 सर्कुलर रोड पर स्थित एक अन्य सरकारी बंगले में स्थानांतरित किया जा रहा है। हालांकि, राज्य सरकार के प्रमुख पद से हटने के बाद ही उनके 1 अणे मार्ग स्थित आवास को पूरी तरह खाली करने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, 7 सर्कुलर रोड स्थित घर को उनके आगमन के लिए पहले ही तैयार कर लिया गया है। यह पता पहले भी कई बार कुमार के निवास के रूप में इस्तेमाल किया जा चुका है। उदाहरण के लिए, 2014 में जब जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने थे, तब वे इसी घर में रुके थे। इसके अलावा, उनके कार्यकाल के दौरान जब भी मुख्यमंत्री के आधिकारिक बंगले में मरम्मत का काम होता था, तब वे अस्थायी रूप से 7 सर्कुलर रोड स्थित घर में चले जाते थे।
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर एक कीर्तिमान स्थापित किया। वह लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद-चारों सदनों के सदस्य रहने वाले बिहार के चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं। इस उपलब्धि के साथ नीतीश कुमार उन नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने चारों विधायी सदनों की सदस्यता का अनुभव प्राप्त किया है। इस विशिष्ट ‘क्लब’ में राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिवंगत सुशील कुमार मोदी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि का नाम भी शामिल है। राजनीतिक विश्लेषक अरुण कुमार पांडे का मानना है कि चारों सदनों की सदस्यता का अनुभव किसी भी नेता को विधायी प्रक्रिया की व्यापक समझ प्रदान करता है।

