डेस्क: ईरान (Iran) की संसद (Parliament) की सुरक्षा समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रबंधन से जुड़ी एक बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस योजना के तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स (Toll) वसूला जाएगा।
रिपोर्ट्स में क्या?
IRIB के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के एक सदस्य ने बताया कि इस योजना को आधिकारिक तौर पर मंजूरी मिल गई है। इसमें कई मुख्य बातों पर ध्यान दिया गया है। इनमें जलडमरूमध्य की सुरक्षा व्यवस्था, जहाजों की सुरक्षा, पर्यावरण का बचाव और पैसों के लेन-देन के नियम शामिल हैं। खास बात यह है कि जहाजों को टैक्स का भुगतान ईरान की मुद्रा रियाल में करना होगा।
किसे मिलेगी अनुमति?
इस नई योजना में अमेरिका और इस्राइल के जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उन देशों के जहाजों को भी यहां से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी जो ईरान के खिलाफ एकतरफा प्रतिबंधों में शामिल हैं। यह योजना इस क्षेत्र में ईरान और उसकी सेना की ताकत को और मजबूत करती है। इस रास्ते के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने में ईरान ओमान की मदद लेगा।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल गठबंधन के बीच संघर्ष चल रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। दुनिया भर में होने वाली तेल की सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर जाता है। ईरान इस रास्ते पर अपना पूरा नियंत्रण करना चाहता है।
क्या बोले अमेरिकी वित्त मंत्री?
दूसरी तरफ, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से अपना नियंत्रण हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि अभी कुछ देश ईरान के साथ अलग से समझौता करके वहां से गुजर रहे हैं। लेकिन आने वाले समय में अमेरिका अपने जहाजों या बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के साथ वहां आवाजाही की आजादी सुनिश्चित करेगा।
ट्रंप ने दी चेतावनी
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए तुरंत नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों, तेल के कुओं और खार्ग द्वीप को बमबारी करके पूरी तरह खत्म कर देगा। ट्रंप ने साफ किया कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के नागरिक ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाएगा।
