अंतरराष्ट्रीय

पाकिस्तान में अब हवाई जहाज भी नहीं उड़ेंगे? 150% महंगा हुआ विमान ईंधन

डेस्क: पाकिस्तान की राष्ट्रीय विमानन कंपनी (Pakistan’s national airline) इस वक्त अपने इतिहास के सबसे गहरे आर्थिक संकट से गुजर रही है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि इस एयरलाइन (Airline) के पूरी तरह से बंद होने की नौबत आ गई है. इसका सीधा असर उन हजारों आम यात्रियों पर पड़ेगा जो अपने काम, व्यापार या अपनों से मिलने के लिए उड़ान भरते हैं.

150% महंगा हुआ विमान ईंधन

बीते कुछ हफ्तों में विमानन ईंधन (जेट फ्यूल) की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि देखी गई है. यह बढ़ोतरी कोई मामूली इजाफा नहीं है, बल्कि कीमतों में लगभग 150 प्रतिशत का भारी उछाल आया है. सबसे हैरानी की बात यह है कि इस बेतहाशा बढ़ोतरी की कोई आधिकारिक घोषणा तक नहीं की गई और इसे चुपचाप लागू कर दिया गया.

आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो, 1 मार्च को जिस जेट फ्यूल (JP-1) की कीमत 190 रुपये प्रति लीटर थी, वह 21 मार्च तक आते-आते 472 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई. केवल 21 मार्च के प्रभाव से ही कीमतों में 84 रुपये (यानी 21.65 प्रतिशत) का इजाफा कर दिया गया. जब विमान उड़ाने का खर्च इतना अधिक हो जाएगा, तो जाहिर है एयरलाइन इस घाटे का बोझ आम यात्रियों के टिकट पर ही डालेगी. इससे हवाई सफर का खर्च आम आदमी के बजट से पूरी तरह बाहर हो सकता है.

पीआईए चेयरमैन की गंभीर चेतावनी

इस भारी आर्थिक दबाव के बीच पीआईए कंसोर्टियम के चेयरमैन आरिफ हबीब ने एक बहुत ही गंभीर चेतावनी जारी की है. रविवार को समाचार चैनल ‘बोल न्यूज़’ के साथ साझा किए गए एक इंटरव्यू क्लिप में उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जेट फ्यूल की कीमतें इसी तरह आसमान छूती रहीं, तो एयरलाइन का संचालन जारी रखना पूरी तरह से असंभव हो जाएगा.

हबीब के शब्दों में कहें तो, हालात अगर ऐसे ही रहे तो पीआईए को अपना कामकाज ‘बंद करने के लिए मजबूर’ होना पड़ेगा. किसी भी देश की सरकारी एयरलाइन के प्रमुख की तरफ से ऐसा बयान आना यह दर्शाता है कि संकट नियंत्रण से बाहर जा रहा है. यह उन तमाम यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका है, जिनका आना-जाना इस संस्था पर निर्भर है.

अमेरिका-ईरान युद्ध का खमियाजा

अचानक ईंधन की कीमतों में आग लगने का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध है. इस अंतरराष्ट्रीय तनाव ने पूरी दुनिया की आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को बुरी तरह से झकझोर कर रख दिया है. वैश्विक स्तर पर भारी अनिश्चितता का माहौल है, जिसके कारण विमानन ईंधन की आपूर्ति में लगातार बाधाएं आ रही हैं.

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