डेस्क: अमेरिका-ईरान युद्ध (US-Iran War) के चलते वैश्विक स्तर पर तेल और गैस (oil and gas) की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया है। तो दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ चल रहे युद्ध में युद्धविराम को लेकर ‘बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत’ होने का दावा किए जाने पर ईरान ने परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए फर्जी व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया है। ईरान के दक्षिण अफ्रीका स्थित दूतावास के सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट की गई इस तस्वीर में ट्रंप को ‘शांति का राष्ट्रपति’ बताते हुए दिखाया गया है, जिसमें वे खुद से ही एकतरफा बातचीत कर रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा है कि ट्रंप कभी झूठ नहीं बोलते हैं।
फर्जी चैट में बातचीत इस इस प्रकार हैं… हे आयतुल्लाह, चलो हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Straight of Hormuz) के बारे में सीधे बात करते हैं… ओह, यह सुनकर अच्छा लगा… मैं 5 दिनों के लिए हमले रोक देता हूं… इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। चैट पूरी तरह एकतरफा दिखाई दे रही है, जिसमें ट्रंप खुद को ही जवाब देते नजर आ रहे हैं। ईरानी दूतावास ने मंगलवार को ‘इसे ईरान के साथ अच्छी और सार्थक बातचीत’ शीर्षक के साथ शेयर किया।
दरअसल, ट्रंप ने सोमवार को वाइट हाउस में पत्रकारों से कहा था कि अमेरिका ईरान के ‘सही लोगों’ से बातचीत कर रहा है और युद्ध समाप्त करने के लिए प्रगति हो रही है। उन्होंने ईरानी ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों को 5 दिनों के लिए स्थगित करने की घोषणा भी की थी। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्रीय समझौता प्रस्ताव भी भेजा, जिसे ईरान खारिज कर दिया।
हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। ये फर्जी खबरें वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने तथा अमेरिका-इजरायल की फंसने वाली स्थिति से बचने के लिए फैलाई जा रही हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष किसी भी बातचीत से इनकार किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य तथा युद्ध की स्थिति पर अपना रुख अपरिवर्तित बताया है।
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ट्रंप कभी ब्लफ नहीं करते। इस दौरान लेविट ने जोर देकर कहा कि ट्रंप झूठ नहीं बोलते और परमाणु मुद्दे समेत अपनी मांगों को मनवाने के लिए हर कदम उठाएंगे। अगर ईरान शर्तें नहीं मानता तो परिणाम भयानक होंगे।
