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बॉलीवुड के ये धुरंधर जिनका है बलूचिस्तान से कनेक्शन, खूब पाई शोहरत…

डेस्क: एक्शन एंटरटेनर मूवी धुरंधर (dhurandhar) इंटरनेट पर सनसनी बनकर तूफान मचा रही है. फिल्म (Movie) से जुड़ी हर बात ट्रेंड हो रही है. फिल्म ल्यारी (Larry) के बैकड्रॉप पर सेट है, जहां बलूचों का दबदबा रहा. मूवी में रहमान डकैत (rahamaan dakait) यानी शेर-ए-बलोच का रोल अक्षय खन्ना ने किया था. उनके किरदार का रुतबा, पहनावा, अल्फाज खूब वायरल हुआ.

धुरंधर के स्क्रीन पर आने के बाद बलूचिस्तान भी चर्चा में आया. हमारी फिल्म इंडस्ट्री के भी कई एक्टर्स का बलूचिस्तान से कनेक्शन रहा है. कई लेजेंडरी एक्टर्स का बलूचिस्तान से ताल्लुक दिखा. बलूचिस्तान ने बॉलीवुड को कई बड़े धुरंधर दिए. जानते हैं उनके बारे में…

राज कुमार

लेजेंडरी एक्टर राज कुमार 1926 में बलूचिस्तान के लोरालाई में जन्मे थे. तब उनका नाम कुलभूषण पंडित था. एक्टिंग में आने से पहले मुंबई में उन्होंने बतौर पुलिस ऑफिसर काम किया था. उन्होंने अपने करियर में करीबन 70 मूवीज में काम किया. इनमें मदर इंडिया, वक्त, पाकीजा, सौदागर जैसी क्लट क्वलासिक फिल्में शामिल रहीं.

कादर खान

दिग्गज एक्टर कादर खान का जन्म बलूचिस्तान के पिशिन में हुआ था. तब ये क्षेत्र भारत का ही हिस्सा था. कादर का बचपन यही बीता था. बाद में उनका परिवार अच्छे अवसरों की तलाश में मुंबई शिफ्ट हो गया था. कादर को एक्टिंग का धुरंधर कहा जाता था. वो अपनी कॉमिक टाइमिंग और दमदार डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने जाते थे.

अमजद खान

शोले का गब्बर तो आपको याद ही होगा. विलेन के रोल में गर्दा उड़ाने वाले अमजद खान 1940 में क्वेटा में पैदा हुए थे. अपने करियर में उन्होंने 130 मूवीज में काम किया. शोले की अपनी दमदार परफॉर्मेंस के जरिए वो अमर हो गए.

वीना कुमारी

एक्ट्रेस वीना कुमारी, जो कि तजौर सुल्ताना के नाम से भी फेमस थीं, का जन्म क्वेटा में हुआ था. वो 1940 और 1950 के दशक में हिंदी और उर्दू सिनेमा का फेमस चेहरा थीं. बाद में उनका परिवार लाहौर शिफ्ट हो गया था. वीना आजादी से पहले के सिनेमा में अपने दिए योगदान के लिए वो जानी गईं.

मेहुल कुमार

फिल्ममेकर मेहुल कुमार का ताल्लुक मकरानी बलूच परिवार से है. मोहम्मद इब्राहिम बलूच उनका पैदाइशी नाम था. वो गुजरात के जामनगर में जन्मे थे. उन्होंने तिरंगा, क्रांतिवीर जैसी देशभक्ति से सराबोर फिल्मों का निर्देशन किया. अब वो बॉलीवुड में कम गुजराती थियेटर में ज्यादा एक्टिव रहते हैं.

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